औरंगाबाद में हिंसा के बाद कर्फ्यू, हिरासत में 50 लोग

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औरंगाबाद में रामनवमी की शोभायात्रा पर हुए पथराव के बाद लोग भड़क उठे। गुस्साए लोगों ने कई दुकानों में आग लगा दी और बवाल किया। पथराव में जुलूस में शामिल छह से अधिक लोग घायल हुए वहीं कई अधिकारियों को भी चोटें आई हैं। जिला प्रशासन ने उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश दिया है । साथ ही सीआरपीएफ के जवानों को फ्लैग मार्च करने का निर्देश दिया गया। जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 2 बजे विभिन्न अखाड़ों के लोग पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप बाजार में पहुंचने लगे थे। इसी दौरान ठाकुरबाड़ी की तरफ से रामनवमी की शोभायात्रा बाजार के लिए प्रवेश किया। इस्लाम टोली मोड़ के समीप अचानक पथराव शुरू हो गया, जिसके बाद भगदड़ मच गई। दोनों तरफ से पथराव होने के बाद यहां मौजूद पुलिस अधिकारियों ने किसी तरह जुलूस को पार कराया। इसकी जानकारी मिलते ही दूसरे सिरे पर खड़े लोग भड़क उठे और एक-एक कर दुकानों में आग लगाई जाने लगी। एक दर्जन से अधिक दुकानों और गुमटियों को फूंक दिया गया।

सब्जी बाजार स्थित रॉयल होटल के समीप एक जेनसेट को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे होटल को भी नुकसान हुआ। इसके अलावा छोटी-बड़ी एक दर्जन दुकानों में तोड़-फोड़ और आगजनी की गई। महाराजगंज रोड में भी तीन से चार दुकानों में तोड़-फोड़ और अगलगी की घटना को अंजाम दिया गया। वहीं गोली लगने से पुरानी काजी मुहल्ला के मो. नइम, गंज मुहल्ला निवासी विक्की ठाकुर, श्रीकृष्ण नगर मुहल्ला निवासी नीरज कुमार घायल हो गए। वहीं पथराव में श्रवण कुमार, पुरानी काजी मुहल्ला निवासी शानू, न्यू एरिया मुहल्ला निवासी दीपक कुमार सहित अन्य लोग घायल हुए हैं।

डीएम राहुल रंजन महिवाल और एसपी डा. सत्यप्रकाश ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया। करीब 4 बजे उपद्रव शांत हुआ और हंगामा कर रहे लोग सड़क से हट गए। एसपी ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है। पर्याप्त संख्या में पुलिस बल को लगाया गया है।

पुलिस छावनी में तब्दील हुआ शहर
रविवार की घटना सोमवार को भी दोहराई गई। जुलूस पर पथराव के बाद हुए बवाल से लोग सहम गए। देखते ही देखते पूरे शहर में स्थानीय पुलिस समेत सीआरपीएफ के जवान सड़क पर उतर आए। पूरे शहर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। एसपी, एएसपी अभियान समेत कई पुलिस अधिकारी खुद मोर्चा संभाले हुए थे।

कमिश्नर और डीआईजी ने किया कैंप
शहर में सोमवार को हुए बवाल के बाद कमिश्नर जितेन्द्र श्रीवास्तव और डीआईजी विनय कुमार औरंगाबाद पहुंचे। शहर के रमेश चौक पर ही डीएम और एसपी से घटना की जानकारी लेने के बाद अधिकारियों ने शहर में भ्रमण किया। कमिश्नर ने कहा कि लोग सहयोग करें और किसी भी तरह की जानकारी पहले प्रशासन को दें। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

औरंगाबाद के जिलाधिकारी राहुल रंजन माहिवाल ने कहा है कि आधा दर्जन लोग घायल हुए हैं। लोग अफवाह पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। किसी तरह की अफवाह न फैले इसके लिए इंटरनेट सेवा बंद करने की कार्रवाई की जा रही है। 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

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