काम में लापरवाही और योजना की आधी अधूरी जानकारी देना एक सहायक अभियंता को महंगा पड़ गया। भरी मीटिंग में डीएम ने सहायक अभियंता को ढाई घंटे तक खड़ा रहने की सजा सुना दी। जिसके बाद ढाई घंटे तक समीक्षा बैठक चली और सहायक इंजीनियर मीटिंग में खड़ा रहा। ये सजा शेखपुरा के डीएम योगेंद्र सिंह ने ग्रामीण कार्य विभाग …
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