
आजकल अंचल कार्यालयों में जमीन के दस्तावेजों में परिमार्जन के नाम पर घूसखोरी का खुला खेल चल रहा है। बिना पैसे लिए दिए काम नहीं हो रहा है। पैसे नहीं देने पर अधिकारी काम को अटकाते और भटकाते रहते हैं. ऐसा ही खेल नालंदा जिला के राजगीर अंचल में चल रहा था। जहां निगरानी विभाग की टीम ने छापेमारी कर राजस्व कर्मचारी को गिरफ्तार किया है।
क्या है मामला ?
मामला नालंदा जिला के राजगीर अंचल का है। जहां निगरानी विभाग की टीम ने छापेमारी कर राजस्व अधिकारी अखिलेश साह को गिरफ्तार किया है। राजस्व कर्मचारी एक पार्थी से 45 हजार रुपए घूस ले रहा था.
कौन है शिकायतकर्ता
दरअसल, छबीलापुर थाना क्षेत्र के रटना गांव के रहने वाले राजीव कुमार ने निगरानी में शिकायत दर्ज कराई थी. जिसमें शिकायत कर्ता राजीव कुमार ने कहा कि उनकी जमीन का परिमार्जन कराने के लिए कर्मचारी मोटी रकम की मांग कर रहा है। इस मामले में 2 फरवरी को एफआईआर दर्ज हुई थी।
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नालंदा लाइव को बताया
शिकायतकर्ता राजीव कुमार ने नालंदा लाइव से बातचीत में बताया कि जमीन का परिमार्जन यानि सुधार के लिए राजस्व कर्मचारी अखिलेश साह लगातार रिश्वत मांग रहे थे। शुरू में 50 हजार रुपए की डिमांड की गई थी। लेकिन बाद में 45 हजार में डील फाइनल हुई थी
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निगरानी ने जाल बिछाकर पकड़ा
शिकायत दर्ज होने के बाद निगरानी की टीम ने पहले शिकायत की जांच की. फिर जब निगरानी की टीम को आरोप सही लगा तो घूसखोर अफसर की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया
DSP अखिलेश कुमार ने की छापेमारी
इसके बाद निगरानी के डीएसपी अखिलेश कुमार के नेतृत्व में विशेष धावादल गठित किया गया। टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया और छबीलापुर रोड स्थित लेदुवा पुल के पास आरोपी कर्मचारी को पैसे लेते समय रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
2026 में 12 भ्रष्ट अफसर गिरफ्तार
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, साल 2026 में अब तक भ्रष्टाचार के खिलाफ कुल 14 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। इस दौरान कुल 1,65,000 रुपये की रिश्वत की राशि बरामद की गई है।