
नालंदा जिला में फर्जी शिक्षकों पर गाज गिरा है। लोकायुक्त के आदेश के बाद फर्जी सर्टिफिकेट के मामले में 127 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही 425 और शिक्षकों पर बर्खास्तगी की तलवार लटक रही है।
सिलाव प्रखंड के शिक्षकों पर कार्रवाई
जिन 127 शिक्षकों को बर्खास्त किया गया है । वे सभी नालंदा जिला के सिलाव प्रखंड में पदास्थापित थे। ये कार्रवाई राज्य के लोकायुक्त के आदेश पर नालंदा जिला शिक्षा विभाग ने किया है । बर्खास्तगी लेटर पर नालंदा के जिला शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार और जिला कार्यक्रम अधिकारी अरिंजय कुमार के संयुक्त हस्ताक्षर हैं ।
427 और शिक्षकों पर बर्खास्तगी की तलवार
नालंदा के जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार के मुताबिक जिले में 425 और शिक्षकों पर बर्खास्तगी की तलवार लटक रही है. इन शिक्षकों पर भी फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी पाने का आरोप है ।
24 करोड़ का वेतन भुगतान
शिक्षा पदाधिकारी के मुताबिक, इन शिक्षकों को साल 2008 में नियुक्त किया गया था और वेतन के तौर पर 24 करोड़ रुपए भुगतान किए गए हैं। ऐसे में इन बर्खास्त शिक्षकों के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा
क्या है फर्जी नियुक्ति मामला
दरअसल, नालंदा जिला में बड़े पैमाने पर फर्जी सर्टिफिकेट के सहारे शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी. बर्खास्त किए गए अधिकांश शिक्षकों ने नकली शिक्षकों की पात्रता परीक्षा (टीईटी) की मार्कशीट का उपयोग करके नौकरी पा ली थी। जिसके खिलाफ आरटीआई कार्यकर्ता और व्हिसलब्लोअर धनंजय कुमार उर्फ गुड्डू ने लोकायुक्त से शिकायत की थी. धनंजय कुमार की शिकायत पर जांच के बाद लोकायुक्त ने उनकी बर्खास्तगी का आदेश दिया था
Posted by Nalanda Live on Saturday, November 23, 2019