
कोरोना का असर विश्व प्रसिद्ध सालाना उर्स मेला पर भी पड़ा है। बिहारशरीफ के बड़ी दरगाह स्थित महान सूफी संत हज़रत मखदूम साहब के मजार पर लगने वाला सालाना उर्स मेला रद्द कर दिया गया है.
29 मई से शुरू होने वाला था उर्स
ईद के पांचवे दिन विश्व प्रशिद्ध चिरागा मेला शुरू होता है. जिसमें चादरपोशी के लिए देश-विदेश से काफी संख्या में जायरीन आते हैं। मखदूम साहब के मुरीदों में सभी धर्म के लोग शामिल हैं। इस बार 659 वां उर्स का आयोजन होना है। 25 मई को ईद मनी थी। इस हिसाब से 29 मई यानि शुक्रवार से हजरत मखदूम शेख़ सरफुद्दीन अहमद याहिया मनेरी के मजार पर चादरपोशी शुरू होनी थी। लेकिन अब उसे रद्द कर दिया गया है
लॉकडाउन की वजह से फैसला
मखदूम-ए-जहां के गद्दीनशीं सैय्यद शाह सैफुद्दीन अहमद फिरदौसी ने बताया कि कोरोना महामारी को लेकर सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस की वजह से चिरागा मेला को स्थगित कर दिया गया है. लोग घरों से ही मगरिब के बाद कुल और फातिहा पढ़कर मुल्क ,राज्य और जिला की सलामती के लिए दुआ करेंगे।
10 जरूरतमंदों को खाना खिलाएं
फिरदौसी साहब ने कहा कि मखदूम साहब के चाहने वाले 10 ज़रूरतमंदों को खाना खिलाएं। निगाह के सामने रहने से कोई मखदूम के करीब नहीं होता,जो दिल से करीब है,वही करीब है। साथ ही अपील कि लोग दरगाह शरीफ नहीं आएं, भीड़ कतई न लगाएं।
रस्म अदाएगी होगी
एडीएम नौशाद आलम ने कहा कि मखदूम साहब जैसी सख्शियत के बारे में कुछ भी बोलना मतलब सूरज को रोशनी दिखाने जैसी है। उस बार चिरागा मेला तो नहीं लगेगा लेकिन दुआ के लिए चंद लोगों को अनुमति दी गई है ताकि रस्मअदायगी हो जाए। प्रशासन की तरफ से चढ़ने वाला चादर भी दो लोगों के माध्यम से पेश कर दी जाएगी। किसी भी कीमत पर लॉक डाउन का पालन करना होगा। शारीरिक दूरी का ख्याल रखना होगा। दुआ कहीं से भी की जा सकती है। आमलोगों को चादरपोशी की अनुमति नहीं होगी।
बैठक में कौन कौन शामिल
बैठक में बिहारशरीफ के एसडीओ जनार्दन प्रसाद अग्रवाल, डीएसपी इमरान परवेज़ और डीपीआरओ रविन्द्र कुमार मौजूद थे