
देशभर में कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है . बिहार में कोरोना के संदिग्ध मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है । बिहारशरीफ सदर अस्पताल में कोरोना 8 सदिग्ध मरीजों को भर्ती कराया गया है.
सदर अस्पताल में 8 संदिग्ध मरीज
बिहारशरीफ सदर अस्पताल में कोरोना वायरस के 8 संदिग्ध मरीजों को भर्ती कराया गया. ये लोग राजस्थान, चेन्नई और केरल से वापस आए थए इनमें से एक मरीज को लक्षण के आधार पर जांच के लिए विम्स भेजा गया है। आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीज का सेंपल लिया गया है।
कल्याण बिगहा के रहने वाले हैं मरीज
सिविल सर्जन डॉ. राम सिंह के मुताबिक जांच के लिए आए मरीजों में छह कल्याण बिगहा के हैं जो राजस्थान और चेन्नई में रहते थे। दो बिंद के हैं जो केरल में रहते थे। ये सभी होली के समय ही आये थे। सिर्फ कल्याण बिगहा से आये एक मरीज को अभी भी खांसी और बुखार था। जिसे जांच के लिए विम्स भेजा गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक 38 संदिग्ध मरीज आये हैं लेकिन किसी में कोरोना का कोई प्रभाव नहीं पाया गया है। जांच कर घर भेज दिया गया है लेकिन 14 दिन तक परिवार या सामुदायिक तौर पर मिलने जुलने से मना किया गया है।
जांच के लिए उपकरण नहीं
कोरोना वायरस का खतरा बढ़ता जा रहा है लेकिन कोरोना की थर्मल स्क्रीनिंग के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल में उपकरण नहीं हैं. जांच के नाम पर स्वास्थ्य विभाग ने महज तीन इन्फ्रारेड थर्मामीटर उपलब्ध कराए हैं. इन्फ्रारेड थर्मामीटर सदर अस्पताल के अलावा हिलसा और राजगीर अनुमंडलीय अस्पताल में है।
सिविल सर्जन ने दी सफाई
थर्मल स्क्रीनिंग के लिए उपकरण नहीं होने पर सिविल सर्जन ने सफाई दी . डॉ. राम कुमार का कहना है कि अचानक कोरोना के फैलने के बाद ये दोनों ही उपकरण बाजार में नहीं है। किसी तरह तीन इन्फ्रारेड थर्मामीटर लाया गया है। जबकि कम से कम एक थर्मल स्क्रीनिंग उपकरण खरीदने की तैयारी है। एक उपकरण की कीमत 40 से 50 हजार रुपये है। जिसे देखते हुए सदर अस्पताल में ही व्यवस्था की जायेयी।