
बिहारशरीफ को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए मॉडल तैयार कर लिया गया है। शहर में कहां क्या बनेगा इसकी रुपरेखा करीब-करीब तैयार कर ली गई है। बुधवार को प्रमंडलीय आयुक्त आनंद किशोर की अध्यक्षता में बिहारशरीफ स्मार्टसिटी बोर्ड की बैठक हुई । जिसमें स्मार्टसिटी के कामकाज को देखने के लिए 30 पदों का सृजन किया गया है। इन पदों पर संविदा के आधार पर पहले तीन वर्षों के लिए बहाली की जाएगी। इसके बाद उनके कामों को देखते हुए एक-एक वर्ष का नवीकरण किया जाएगा।
पद वेतन( मानदेय)
चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO)—— 2,25,000
चीफ जनरल मैनेजर (CGM) ———— 1,50,000
चीफ फाइनेंस ऑफिसर (CFO) ———- 1,25,000
सीनियर मैनेजर ————————– 1,00,000
कंपनी सेक्रेटरी —————————- 90,000
मैनेजर (तकनीकी)————————— 85,000
मैनेजर (फाइनेंस)—————————- 85,000
पीआरओ ———————————— 70,000
एकांउटेंट ————————————- 35,000
ऑफिसर एग्जीक्यूटिव ————————- 30,000
स्टेनोग्राफर ———————————— 25,000
कम्प्यूटर ऑपरेटर ——————————- 20,000
इन सभी 30 पदों के लिए भर्ती कॉन्ट्रैक यानि संविदा के आधार पर होगी। इनकी नियुक्ति पहले तीन साल के लिए होगी। फिर उनके प्रफॉर्मेंस के आधार पर एक-एक साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। स्मार्टसिटी बनाने के काम में कोई बाधा न हो। इसलिए बिहारशरीफ स्मार्टसिटी बोर्ड ने नगर आयुक्त को तत्काल एमडी और सीईओ का प्रभार दिया है। यानि जब तक सीईओ की नियुक्ति नहीं होती है तब तक नगर आयुक्त सौरभ जोरवाल ही एमडी और सीईओ का प्रभार देखेंगे। इतना ही नहीं बैठक में ये भी फैसला लिया गया कि जब तक स्मार्ट सिटी का फंड नहीं आता है तब तक नगर निगम के पैसे का उपयोग नगर आयुक्त कर सकते हैं। तत्काल ढाई करोड़ करोड़ रुपया निगम अपने स्तर पर खर्च कर सकते हैं और फंड आने पर निगम को पैसा ट्रांसफर कर दिया जाएगा। तत्काल स्मार्ट सिटी का ऑफिस निगम में ही खोलने के लिए कहा गया है।