
जिन पोस्टऑफिस के जरिए लोगों को जरूरी कागजात आते हैं वही पोस्ट ऑफिस की करतूत जानकर आप सिहर जाएंगे. क्योंकि पोस्टमैन ने जरूरी कागजात घर पहुंचाने के बजाय बोरी में भरकर तालाब में फेंक दिया.
क्या है पूरा मामला
मामला नालंदा जिला के सिलाव थाना क्षेत्र के विंडीडीह गांव की है. जहां जलाया पोखर में मछली पकड़ने के दौरान गांववालों को दो बोरे में बंद भारी मात्रा में आधार कार्ड, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक (Aadhar card, ATM card, bank passbook) समेत कई दस्तावेज मिला है. खोलने पर उससे हजारों की संख्या में आधार कार्ड, शॉपिंग कार्ड, एलआईसी पेपर और एटीएम कार्ड आदि दस्तावेज मिले.
तीन साल के दस्तावेज
तालाब में भारी मात्रा में कागजात मिलने की खबर मिलते ही लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गयी. जब पूरा बोरा खोला गया तो विंडीडीह पोस्टऑफिस के अलग-अलग गांव के लोगों के दस्तावेज पाये गये. इनमें 2015 से लेकर 2018 तक बनाया गए करीब डेढ़ हजार की संख्या में आधार कार्ड थे. इनमें कुछ विंडीडीह गांव के लोगों के दस्तावेज भी शामिल हैं. कुछ लोग जो उस जगह मौजूद थे अपने दस्तावेज स्वयं ही ले लिए, लेकिन बड़ी संख्या में दस्तावेज को लोगों ने एक ग्रामीण के पास सुरक्षित रख दिया.
पोस्टमैन ने कबूला गुनाह
हालांकि जैसे ही विंडीडीह के पोस्टमैन रामाश्रय सिंह को इस बात की भनक लगी आनन-फानन में वे वहां पहुंचे और दस्तावेज समेटने लगे. इधर ग्रामीणों ने बताया कि इस पोस्ट ऑफिस के माध्यम से आने वाले दस्तावेज लोगों को नहीं मिलते हैं. जब भी पूछते हैं तो पोस्टमैन सीधा-सीधा जवाब देता है कि कुछ भी नहीं आया है. आज जब ये बात सामने आयी है तो ग्रामीणों के समक्ष पोस्टमैन ने स्वीकार किया है कि मैंने ही उसे इस पोखर में डाला था.
पोस्टमैन और मुंशी सस्पेंड
गांववालों ने इसकी सूचना मीडियाकर्मियों को दी. जिसके बाद डाक विभाग के जांच टीम बिंडीडीह गांव में भेजी. जिसके बाद डाक विभाग ने पोस्टमैन रामाश्रय प्रसाद सिंह और मुंशी को सस्पेंड कर दिया है