इस बार राजगीर नालंदा में मनाएं नए साल का जश्न… बिहारशरीफ में बंद हैं…

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हर किसी को इंतजार है कि साल 2020 जल्द से जल्द ख़त्म हो और नया साल ढेर सारी खुशियां लेकर आए. क्योंकि कोरोना की वजह से हर कोई परेशान है. ऐसे में इस बार बिहारशरीफ के लोगों को जश्न मनाने के लिए भी राजगीर और नालंदा का रुख करना होगा. राजगीर और नालंदा के पर्यटक स्थल और होटल नये साल का स्वागत के लिए तैयार है।

बिहारशरीफ में तीनों पार्क बंद
बिहारशरीफ शहर में तीन पार्क हैं. जहां परिवार के साथ लोग कुछ पल सुकून से बिता सकते हैं। इस बार तीनों ही पार्क बंद हैं। सुभाष पार्क और भरावपर स्थित अनु्ग्रह नारायण पार्क में जीर्णोद्धार कार्य चल रहा है। पार्क की स्थिति बदहाल है। झरना भी बंद पड़ा है। फूलों की क्यारी सूखी पड़ी है। हिरण्य पर्वत पर स्थित हिरण्य पार्क लॉक डाउन के समय से ही बंद है और नए साल पर खोलने का आदेश भी नहीं आया है.

ग्लास ब्रिज भी आकर्षण का केंद्र
पर्यटकों के लिए सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र इस बार राजगीर का ग्लास ब्रिज रहेगा. हालांकि उन्हें निराशा हासिल होगी. क्योंकि ये पर्यटकों के लिए मार्च के बाद शुरू होगा. ये ग्लास ब्रिज देश का दूसरा ग्लास ब्रिज है. जो चीन की तर्ज पर बनाया गया है

कोरोना काल में राजगीर में नए साल का जश्न
नए साल की तैयारी के लिए राजगीर में पूरी तरह से तैयार है. माना जा रहा है कि इस साल कोरोना के बावजूद बड़ी संख्या में लोग नये साल का जश्न मनाने राजगीर पहुंचेंगे.

घोड़ा कटोरा और पांडु पोखर हॉट स्पॉट
ईको फ्रेंडली टूरिस्ट स्पॉट घोड़ा कटोरा नये साल के जश्न को यादगार बनाता है। लोग यहां प्राकृतिक सौंदर्य के बीच झील में बोटिंग का आनंद लेते हैं। तांगा या बैट्री चालित वाहन अथवा पैदल या साइकिल से जा सकते हैं। सात किलोमीटर की दूरी है। वहीं पाण्डु पोखर पार्क की सैर करने के लिए भी सावधानी बरतनी होगी। संचालक के अनुसार सरकार की जो भी गाइड लाइन है उसका पालन किया जायेगा।

होटलों में रंगारंग कार्यक्रम की तैयारी
राजगीर के अधिकांश टूरिस्ट स्पॉट खुले में है। कई होटलों में 31 दिसम्बर की रात रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। भोजपुरी गायिका स्मृति सिन्हा का कार्यक्रम है।

कुंड स्नान में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूरी
पहली जनवरी को कुंड स्नान के लिए भी काफी भीड़ उमड़ती है। पंडा कमिटी ने भीड़ को संभालने और कोरोना गाइड लाइन का पालन कराने के लिए सदस्यों को तैयार कर लिया है।  सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कुंड स्नान करने की अनुमति होगी।

नालंदा में भी जिला प्रशासन सतर्क
नये साल का पहला दिन काफी संख्या में लोग प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेष का भ्रमण कर बीताते हैं। इस बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए पहले से ही काफी एहतियात बरती जा रही है। पहली जनवरी को भी विशेष तौर पर सख्ती बरती जायेगी। एक जनवरी को लोगों की काफी भीड़-भाड़ रहती है। जिसे देखते हुए कर्मियों को सतर्क कर दिया गया है। मास्क लगाकर ही परिसर में प्रवेश दिया जायेगा।

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