
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित 65वीं संयुक्त प्रतियोगिता प्रारम्भिक परीक्षा के परिणाम को चुनौती देने वाली याचिका को पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने खारिज कर दिया है. न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण सिंह की एकलपीठ ने निकेश कुमार सांवरी सहित 10 अभ्यार्थियों की ओर से दायर रिट याचिका को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर सुनवाई करने के बाद, उस अर्जी को खारिज कर दिया.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, याचिकाकर्ताओं ने 65वीं बीपीएससी के पीटी रिज़ल्ट को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. जिसमें कहा गया था कि परीक्षा में पूछे गए सवालों में से आठ प्रश्न सही नहीं हैं. उनका उत्तर सुधार कर रिजल्ट जारी किया जाना चाहिए. याचिकाकर्ताओं की मांग थी कि सभी आवेदकों का एक या दो अंक से पीटी परीक्षा के रिजल्ट से चूक गए हैं. आयोग अपने आठ प्रश्नों का उत्तर को सुधार दे तो यह सभी पीटी परीक्षा में सफल उम्मीदवार होंगे.
बीपीएससी की दलील
वहीं, बीपीएससी के वकील संजय पांडेय का कहना था कि, 15 अक्टूबर 2019 को हुई पीटी परीक्षा के बाद आयोग ने छात्रों से आपत्ति निमंत्रित किया था. करीब 697 आपत्ति आए. इन आपत्तियों पर आयोग ने एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया. एक्सपर्ट कमेटी के राय के मद्देनज़र ही आयोग ने तमाम ऑब्जेक्शन को निष्पादित करने के बाद, रिजल्ट जारी किया है. इधर, मेंस परीक्षा के आवेदन की अंतिम तारीख 15 जून है, जिसमें पीटी के सफल हुए अभ्यार्थी आवेदन जमा कर रहे हैं.
हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद पटना हाईकोर्ट ने छात्रों की याचिका को खारिज कर दिया. यानि 65वीं बीपीएससी पीटी का रिजल्ट जो है वही रहेगा. उसमें कोई संशोधन नहीं होगा