
राजधानी पटना में पुलिस ने डिप्टी सीएम सुशील मोदी के घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया. जन अधिकार छात्र परिषद के कार्यकर्ताओं ने डिप्टी सीएम के आवास के बाहर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की. जिसके बाद पुलिस को उन्हें भगाने के लिए लाठी भांजनी पड़ी. साथ ही जन अधिकार छात्र परिषद के प्रदेश अध्यक्ष विशाल कुमार और युवा परिषद के महासचिव विनय कुमार को पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ के अध्यक्ष मनीष कुमार पिछले 100 दिनों से जेल में बंद हैं. न अधिकार परिषद का कहना है कि पीयू छात्रसंघ अध्यक्ष मनीष कुमार पर आईपीसी की धारा 302 के तहत फर्जी मुकदमा दर्ज कर 100 दिनों से जेल में बंद रखा गया है। अगर मनीष पर 2019 में एफआईआर दर्ज था तो प्रशासन उस वक्त कहाँ था जब मनीष ने चुनाव लड़ा और जीता। मनीष के खिलाफ यह कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित है।
सुशील मोदी पर बोला हमला
छात्रों का कहना है किआधा बिहार बाढ़ ग्रस्त है। जीवन और मौत से जूझने वाले बिहार की जनता को देखने के लिए उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी एक दिन भी बाहर नही निकले। हम बिहार के युवा हैं इसलिए हमें घुटन होती है। पिछले 15 वर्षो में चिमकी बुखार, बाढ़, जलजमाव में उन्होंने कभी जनता का हाल नहीं जाना। सुशील मोदी समेत एनडीए के सभी नेता क्वारंटाइन हैं।
कौन कौन नेता शामिल थे
विरोध-प्रदर्शन में जन अधिकार छात्र परिषद् के महासचिव आदित्य मिश्रा, निशांत कुमार, दीपंकर, विक्की और जन अधिकार युवा परिषद के महासचिव सनी कुमार, नीतीश सिंह, आशीष विकाश, विकास बंसी, रमेश कुमार, उत्कर्ष कुमार शामिल थे।