Home राजनीति नालंदा में जिला परिषद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, खतरे में कुर्सी कैसे जानिए

नालंदा में जिला परिषद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, खतरे में कुर्सी कैसे जानिए

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नालंदा में जिला परिषद की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। क्योंकि पूर्व अध्यक्ष ने अपना बदला पूरा करने के लिए कोरोना संकट के बीच जिला परिषद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया है.

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क्या है पूरा मामला
जिला परिषद के 18 सदस्यों ने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया है. विपक्षी सदस्यों ने डीएम योगेंद्र सिंह, डीडीसी राकेश कुमार और अध्यक्ष मीर सिन्हा को अविश्वास प्रस्ताव की कॉपी सौंपी. इन लोगों ने पंचायती राज अधिनियम की 2006 की विभिन्न धाराओं के तहत अविश्वास प्रस्ताव लाया है. मीर सिन्हा के कार्यकाल का दो साल पूरा होने के बाद प्रस्ताव लाया गया है. सदस्यों ने अध्यक्ष पर कई संगीन आरोप लगाए हैं.

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जिला परिषद अध्यक्ष पर आरोप
जिला परिषद अध्यक्ष पर सदस्यों ने गंभीर आरोप लगाए हैं. जिसमें बैठक का आयोजन नहीं करना, बैठक की कार्रवाई विलंब से प्रकाशित करना, निविदा को लेकर सरकारी आदेश का अवहेलना करना, सदस्यों को लेकर अपमानित शब्दों का प्रयोग करना आदि शामिल है. साथ ही जिला परिषद से शिक्षक बहाली में अध्यक्ष द्वारा जान बूझकर मनमानी का भी आरोप लगाया गया है. आवेदन में ये भी कहा गया है कि जिला परिषद की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में कार्रवाई नहीं की गई. जिसके कारण जिला परिषद के राजस्व को काफी नुकसान हुआ.

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कैसे खतरे में कुर्सी
नालंदा जिला परिषद में कुल सदस्यों की संख्या 34 है. जिसमें एक सदस्य कैप्टन सुनील की मौत हो चुकी है. ऐसे में सदस्यों की संख्या घटकर 33 हो गई है. उसमें प्रस्ताव के समर्थन में 18 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हैं. ऐसे में मीर सिन्हा की कुर्सी खतरे में दिख रही है. हालांकि ध्यान देने वाली बात ये है कि अगर दो सदस्यों को भी मीर सिन्हा मैनेज कर लेती हैं तो कुर्सी बच सकती है. क्योंकि दो साल पहले उन्होंने पूर्व अध्यक्ष तनुजा कुमारी को मात देकर अध्यक्ष की कुर्सी हासिल की थी. जिसमें उन्हें 6 वोट ज्यादा मिले थे. यानि तनुजा गुट को 15 और मीर सिन्हा गुट को 19 वोट मिले थे. अगर इस बार भी कुछ ऐसा जादू दिखाने में मीर सिन्हा कामयाब रही तो उनकी कुर्सी बच जाएगी.

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अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में कौन कौन
मीर सिन्हा के खिलाफ जो अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है. उसमें तनूजा कुमार, पुरुषोत्तम जैन, बालमुकुंद पासवान,अनिरुद्ध कुमार,नरोत्तम, विपिन कुमार,सुनीता कुमारी,कमलेश पासवान, पार्वती देवी,पुरुषोत्तम, प्रतिमा देवी, सत्येंद्र कुमार, सूरज देवी,अंशु कुमारी,सीताराम प्रसाद और विमल पासवान शामिल हैं.

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