
बिहारशरीफ पूरे देश में आज भी बैंकों में कामकाज नहीं होगा। बुधवार को नालंदा के 128 बैंक शाखाओं के सभी कर्मी हड़ताल पर रहे। बैंककर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से बैंकों में ताले लटके रहे। नालंदा जिला में बैंक बंद रहने की वजह से करीब 5 सौ करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। सरकारी बैंक कर्मियों की हड़ताल को जिला के प्राइवेट बैंकों ने भी समर्थन दिया। साथ ही नालंदा जिला की 150 एटीएम में नोट की किल्लत हो गयी है। सुबह 10 बजे तक कुछ एटीएम से नोट निकले, लेकिन उसके बाद एटीएम का खजाना हो गया। लोग पैसे के लिए भटकते दिखे। हालांकि मध्य बिहार ग्रामीण बैंकों में आम दिनों की तरह कामकाज हुआ। बैंक और एटीएम में ताला लटके रहने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर बाजार के व्यापार पर काफी असर देखने को मिला। दूर-दराज से आये लोगों को बिना रुपया निकासी किये ही बैरंग वापस होना पड़ा। दरअसल, बैंक कर्मचारी वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर देश भर में दो दिन की हड़ताल पर हैं। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि उनका वेतन रैंक के अनुसार नहीं है। सीपीसी का लाभ भी बैंककर्मियों को नहीं दिया जाता है। सरकार ने साल 2017 में ही बैंककर्मियों को वेतन बढ़ाने का आश्वासन दिया था,परंतु आजतक इसे पूरा नहीं किया गया है। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि केंद्रीयकर्मियों से पांच दिन ही काम लिया जाता है, पर बैंक वालों से दो शनिवार को छोड़कर छह दिनों तक काम लिया जाता है। इन्ही मांगों को लेकर दो दिनों की हड़ताल की गयी है।