
नालंदा पुलिस को करीब एक महीने बाद सफलता मिली है। पुलिस ने छबिलापुर प्रगति फ्यूल सेंटर के मैनेजर से लूटकांड मामले में मास्टरमाइंड समेत 5 अपराधियों को धर दबोचा है। इन्हें शेखपुरा और राजगीर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया है। जिन पांच बदमाशों को पुलिस ने धर दबोचा है उसमें मास्टर माइंड लोकेश कुमार दास उर्फ लल्लू भी शामिल है। आपको बताएंगे कि इस मामले में और कौन कौन बदमाश शामिल थे और कहां के रहने वाले थे। लेकिन पहले आपको बताते हैं कि पुलिस लुटेरों तक कैसे पहुंची
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कैसे पकड़े गए लूटेरे
नालंदा पुलिस के ये लिए ये केस सुलझाना किसी चुनौती से कम नहीं था।पुलिस को इस मामले में कोई क्लू यानि साक्ष्य नहीं मिल रहे थे। पुलिस के हाथ खाली थे। इसके बाद पुलिस टीम ने इसमें में मोबाइल लोकेशन की जांच की। पुलिस ने ये पता किया कि इस लोकेशन पर कौन से मोबाइल से कॉल किया गया था। इसके बाद ही पुलिस को बदमाशों के बारे में क्लू मिला। इसके बाद पुलिस ने स्थानीय बदमाश पर दबिश दी और उनसे पूछताछ की। तब जाकर असली बदमाशों के बारे में पुलिस को पता। पुलिस जब बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए गई तो सभी 8 बदमाश दिल्ली भाग चुके थे। पुलिस की टीम दिल्ली गई। लेकिन वहां भी सफलता नहीं मिली। जिसके बाद पुलिस लगातार बदमाशों को ट्रैक करती रही। जब बदमाश दिल्ली से लौट रहे थे तो उन्हें फिल्मी स्टाइल में राजगीर रेलवे स्टेशन और शेखपुरा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया।
कौन-कौन बदमाश पकड़े गए
पुलिस का कहना है कि 8 लोगों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। जिसमें मास्टरमाइंड समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि तीन की तलाश है । गिरोह का सरगना लोकेश कुमार दास उर्फ लल्लू गया के नीमचक बथानी थाना के नथनी गांव का रहने वाला है। पुलिस ने लोकेश के अलावा उसी गांव के प्रताप कुमार उर्फ पंडित, विक्की रविदास, कृष्ण कुमार को गिरफ्तार किया है। जबकि इस्लामपुर के रामपुर के रहनेवाला रौशन कुमार को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है । रौशन ने इसमें लाइनर की भूमिका निभाई थी।
क्या है पूरा मामला
14 जून को छबिलापुर के प्रगति फ्यूल सेंटर के मैनेजर संजीव कुमार को गोली मार कर बदमाशों ने चार लाख रुपए लूट लिए थे। संजीव कुमार बाइक से जा रहे थे। तभी उन्हें पीछे से गोली मारी गई थी।