
बिहारशरीफ नगर निगम में बड़ा फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। बिहारशऱीफ नगर निगम के 25 कर्मचारी बिना दफ्तर आए ही अब तक वेतन उठा रहे हैं। इस बात का खुलासा बायोमैट्रिक सिस्टम लागू होने के बाद लगा है। अबतक नगर निगम 546 कर्मचारियों को सैलरी दे रही थी। लेकिन अब 521 कर्मचारी ही नियमित रूप से बायोमैट्रिक पर हाजिरी बनाकर वेतन ले रहे हैं। मामला सामने आने पर नगर आयुक्त सौरभ जोरवाल ने जांच के लिए कमेटी का गठन किया है।
जांच कमेटी में कौन कौन
बिना दफ्तर आए सैलरी उठाने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई के लिए महापौर की अध्यक्षता में कमेटी की गठन किया गया है। कमेटी में वार्ड पार्षद रंजय कुमार वर्मा, प्रदुमन कुमार, दिलीप कुमार, संतोष कुमार, धनंजय सिंह और नगर प्रबंधक शामिल हैं। नगर निगम अब इन कर्मचारियों की तलाश कर रही है।
अब जेम पोर्टल से होगी खरीददारी
बिहारशरीफ नगर निगम ने सामानों की खरीददारी में कमीशनखोरी रोकने के लिए लिए बड़ा फैसला लिया है। नगर निगम अब जेम पोर्टल से ही सभी वस्तुओं की खरीददारी करेगी । पहले डायरेक्ट खरीददारी होती थी जिससे अधिकारी और कर्मचारी कमीशन लेते थे। मान लीजिए कि अगर कंप्यूटर की खरीदना है तो वो एमआरपी पर खरीदाता था। जैसे किसी कंप्यूटर की एमआरपी 80 हजार रुपए हैं तो उसी मूल्य पर उसकी खरीददारी होती थी। जबकि मार्केट में ये 25-30 हजार में मिलता था। बाकी पैसे कमीशनखोरी में चला जाता था। इसी को देखते हुए मोदी सरकार ने सरकारी दफ्तरों ें जैम से खरीददारी का आदेश दिया था। जिसे बिहारशरीफ नगर निगम में भी लागू कर दिया गया है ।