
बिहार में दारोगा के 1717 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। पटना हाईकोर्ट ने डबल बेंच ने दारोगा बहाली का परिणाम घोषित करने का आदेश दिया है। इससे पहले हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने पिछले साल सितंबर में रिजल्ट के प्रकाशन पर रोक लगा थी।
क्या है पूरा मामला
पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की खंडपीठ ने बिहार पुलिस भर्ती अवर सेवा आयोग की अपील को मंजूर कर लिया है। साथ ही हाईकोर्ट के सिंगल बेंच के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें कहा गया था कि मुख्य परीक्षा के परिणाम की त्रुटियों को सुधारते हुए नये सिरे से परिणाम निकाला जाये. साथ ही हाईकोर्ट ने बिहार पुलिस भर्ती अवर सेवा आयोग को निर्देश दिया है कि नियुक्ति प्रक्रिया में महिला अभ्यर्थियों की बहाली और आरक्षण नियमों का सख्ती से पालन किये जाए.
परीक्षार्थियों को राहत
हाईकोर्ट के फैसले के बाद बिहार पुलिस भर्ती अवर सेवा आयोग अब दारोगा बहाली के लिए घोषित मुख्य परीक्षा के परिणाम के मुताबिक आगे की बहाली प्रक्रिया जारी रखेगी. हाईकोर्ट के फैसले से उन अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी, जिन्होंने मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण हो चुके हैं. बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने दारोगा बहाली के लिए वर्ष 2017 में 1717 पदों पर बहाली के लिए विज्ञापन निकाला था. दारोगा बहाली के लिए 22 जुलाई, 2018 को मुख्य परीक्षा ली गयी थी. इसमें 10161 अभ्यर्थी सफल घोषित किये गये थेो.
आपको बता दें कि पटना हाईकोर्ट के जस्टिस शिवाजी पांडे की एकल पीठ ने रमेश कुमार सहित कुल 195 रिट याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए परीक्षा परिणाम को अवैध करार दे दिया था। जिसे अब चीफ जस्टिस की बेंच ने अवैध करार दे दिया है ।