
बिहारशरीफ में एक इंजीनियर ने खुदकुशी कर ली है. मामला सोहसराय के मगध कॉलोनी की है. जहां आर्यन उर्फ सोनू ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया है.
क्या है पूरा मामला
सोहसराय के मगध कॉलोनी के रहने वाले अनिल कुमार का एकलौता बेटा आर्यन उर्फ सोनू एक दिन पहले ही दिल्ली से आया था. सोनू ने जयपुर के पूर्णिमा कॉलेज से बीटेक किया था और नौकरी की तलाश में था.
नौकरी नहीं मिलने से था निराश
घरवालों का कहना है कि बीटेक करने के बाद नौकरी नहीं मिलने से 24 साल का आर्यन निराश था और तनाव में रहता था. वो कुछ दिन से दिल्ली में रह रहा था. दिल्ली में भी उसने खुदकुशी करने की कोशिश की थी. दिल्ली में सोनू ने हाथ का नस काट लिया था. जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जिसके बाद उसके पिता उसे लेकर बिहारशरीफ आ गए थे.
पंखे से लटकर दी जान
सोहसराय के थानाध्यक्ष विजेंद्र सिंह ने बताया कि रात में खाना खाने के बाद सभी लोग सोने के लिए अपने कमरे में चले गए। सुबह जब पिता ने दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई जबाव नहीं आया। खिड़की से जब झांककर देखा तो बेटे का शव पंखे से झूलता दिखा। थानाध्यक्ष ने बताया कि गमछा के सहारे उसने फांसी लगाई थी। घटना के बाद घर में कोहराम मच गया।
दो बहनों का इकलौता भाई था
आर्यन जहां अपने माता का एकमात्र सहारा था तो वहीं, दो बहनों का एकलौता भाई था. आर्यन के पिता के मुताबिक दिल्ली से बिहारशरीफ आने के बाद वो गुमसुम रह रहा था। उन्होंने बताया कि एक पिता होने के नाते मैंने काफी समझाया था। लगा कि वो मान जाएगा लेकिन उसने वही किया जो उसके मन में चल रहा था। नौकरी नहीं मिलने से काफी निराश था।