
नालंदा जिला में डीजल अनुदान के लिए किसानों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी हो गया। ऐसे में कई नटवर लाल जिले में सक्रिय भी हो गए हैं। क्योंकि ऐसे ही एक जालसाज को चंडी थाना के दयालपुर गांव से गिरफ्तार किया गया है। वो ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाने के चक्कर में कई किसानों के खाते से पैसे उड़ा लिए थे। लेकिन दयालपुर में उसकी पोल तब खुली जब एक किसान के खाते से रुपये निकाले जाने का मैसेज आया। जिसके बाद ग्रामीण सतर्क हुए और उसे धर-दबोचा। दरअसल, वो रजिस्ट्रेशन के नाम पर वो किसानों के खातों से संबंधित जानकारी कंप्यूटर में सेव कर रहा था। उसके बाद आधार कार्ड से लिंक हुए खातों से रुपये निकलने शुरू हुए। जिसके बाद ग्रामीणों ने पकड़कर उसे पुलिस को सौंप दिया। इसकी पहचान कुंदन कुमार के रूप में हुई है। वो बख्तियारपुर थाना के नया टोला-राघोपुर मोहल्ला का रहने वाला था।
कैसे हुआ जालसाजी का खुलासा
जालसाज कुंदन दयालपुर गांव पहुंचा और लोगों से कहा कि डीजल अनुदान के लिए लोग मुफ्त में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। जिसके बाद लोगों की वहां भीड़ लग गई। गांव के करीब डेढ सौ लोगों ने अपना खाता नंबर, आधार नंबर समेत दूसरी जानकारी उसे दी। उसने ये सारी जानकारी अपने लैपटॉप में सेव कर लिया। उसके बाद वो वहां से दूसरे गांव में रजिस्ट्रेशन करने चला गया। कुछ देर बाद एक किसान के खाते से तीन हजार रुपये निकाले जाने की बात सामने आई। ये बात जंगल में आग की तरह फैल गई। लोगों ने दूसरे गांव जाकर उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। जिसमें उसने कई राज खोले
किसके खाते से कितने रुपए निकाले जानिए
पुलिसिया पूछताछ में जालसाज कुंदन कुमार ने कबूला कि उसने कई लोगों के खाते से रुपए उड़ाए हैं। उसने बताया कि रामवृक्ष सिंह के खाते से 10 हजार, श्रीकांत शर्मा के खाते से 5 हजार, सतभामा देवी के खाते से 3 हजार, अवधकिशोर प्रसाद के खाते से 10 हजार रुपए निकाल लिए हैं। उसने ये भी बताया कि वो पहले भी कई लोगों के खाते से पैसे उड़ा चुका था।
ऐसे में नालंदा लाइव आपसे अपील करता है कि ऐसे जालसाजों से बचें। सारी जानकारी उनसे साझा न करें।