
बिहार में दफ्तर में खैनी खाना एक बाबू को महंगा को महंगा पड़ गया. वित्त विभाग ने खैनी खानकर थूकने के आरोप में यूडीसी विवेक कुमार को सस्पेंड कर दिया है. आपको बता दें कि बिहार में तंबाकू खाने पर सरकारी कर्मचारी को सजा देने का ये पहला मामला है. कोरोना संक्रमण के बाद सार्वजनिक जगह पर तंबाकू खाने और थूकने पर सजा का भी प्रावधान किया गया है. लेकिन पहली बार किसी कर्मचारी को इस आरोप में सजा मिली है.
क्या है पूरा मामला
मामला बिहार के मुख्य सचिवालय का है. जहां डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी के विभाग में ड्य़ूटी के दौरान उच्च वर्गीय लिपिक विवेक कुमार पर खैनी खाकर थूकने का आरोप है. कहा जा रहा है कि विवेक कुमार सचिवालय में ड्यूटी के दौरान हथेली पर खैनी रगड रहे थे. जब अधिकारियों ने उन्हें देखा तो खैनी को सचिवालय के कॉरीडोर में फेंक दिया. विवेक कुमार पर ये भी आरोप लगा है कि वे खैनी खाकर यहां-वहां थूक रहे थे.
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सरकारी नियमों के उल्लंघन का आरोप
इतना ही विवेक कुमार पर सरकारी नियमों के कई और आरोप लगाए गए हैं. विवेक कुमार ने मास्क भी नहीं लगाया हुआ था. वे रंगीन टी-शर्ट पहन कर ऑफिस आये थे. ये सारे आरोप सरकारी नियमों का उल्लंघन माना गया है लिहाजा उन्हें सस्पेंड करने का आदेश निर्गत कर दिया गया है.
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वित्त विभाग के आदेश में क्या है
वित्त विभाग की ओर से आदेश कहा गया है कि कोरोना संक्रमण को लेकर सरकार ने दिशा निर्देश जारी कर रखा है. इसके मुताबिक सार्वजनिक जगहों पर तंबाकू का सेवन प्रतिबंधित है. वहीं तंबाकू खाकर थूकना अपराध है. इसके लिए सजा का भी प्रावधान किया गया है. सरकार ने कहा है कि वित्त विभाग के लिपिक विवेक कुमार ने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जारी सरकारी आदेशों का उल्लंघन किया है. लिहाजा इस आरोप में उन्हें सस्पेंड किया जाता है.