
चंडी वासियों के लिए नए साल का तोहफा मिला है. अब चंडी की गिनती शहरी आबादी में होगी और यहां के लोगों को अब शहरों जैसी सुविधाएं भी मिलेगी. क्योंकि चंडी को नगर पंचायत का दर्जा दिया गया है. इसके लिए चंडी प्रखंड के तीन पंचायतों से राजस्व गांव को हटाकर नगर पंचायत में जोड़ा गया है.
कैसे बना चंडी नगर पंचायत
नगर पंचायत के लिए किसी भी कस्बे की आबादी 12 हजार से अधिक होनी चाहिए. अगर 12 हजार से कम आबादी है तो उसे नगर पंचायत का दर्जा नहीं मिलेगा. ऐसे में चंडी को नगर पंचायत का दर्जा देने के लिए बिहार सरकार ने चंडी प्रखंड के तीन पंचायत चंडी,भगवानपुर और हसनी से कुछ राजस्व गांवों को काटकर नगर पंचायत का दर्जा दिया है. जिसके बाद यहां की आबादी 14 हजार से ज्यादा हो गई है.
कौन कौन गांव शामिल
चंडी पंचायत से चंडी और गोखुलपुर को शामिल किया गया है. वहीं, भगवानपुर पंचायत से भगवानपुर और सतनाग को शामिल किया गया है. जबकि हसनी पंचायत से हनुमानगढ़ को चंडी नगर पंचायत में शामिल किया गया है.
चंडी नगर पंचायत की चौहदी
अगर चंडी नगर पंचायत की चौहदी के बारे में बात करें तो उत्तर में दयालपुर, दक्षिण में श्रीरामपुर खरजमा,पूरब में कोरुत और पश्चिम में पड़री और सुमका तक फैला है.
नगर पंचायत बनने से क्या होगा फायदा
नगर पंचायत बनने से अब लोगों को शहरी सुविधाएं मिलेगी. साथ ही अब हाउस टैक्स जैसी दुसरे टैक्स भी भरने होंगे. घर बनाने के लिए नक्शा पास कराना जरूरी होगा.
चंडी में क्या-क्या है
अब आपको बता दें कि चंडी में पहले से क्या क्या है. तो यहां नालंदा इंजीनियरिंग कॉलेज, डॉ. रामराज सिंह महिला कॉलेज, मगध महाविद्यालय है, भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक का ब्रांच है,सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक,एमबीजीब,बीएसएनएल टावर,रेफरल अस्पताल,थाना, ब्लॉक,सीओ ऑफिस,पोस्ट ऑफिस है. इसके अलावा यहां फोर लेन सड़कें और ट्रेन की सुविधा भी है. यहां से पटना-रांची हाइवे भी गुजरती है.