
शेखपुरा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने कोरोना वायरस के एक संदिग्ध मरीज को धर दबोचा है. आरपीएफ ने उसे पावापुरी मेडिकल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया दिया है.
पावापुरी से पटना भेजा गया संदिग्ध
आरपीएफ ने जिस संदिग्ध युवक को वर्धमान मेडिकल कॉलेज पावापुरी में भर्ती कराया था. उसे पटना के पीएमसीएच भेजा गया है, जहां उसे आइसोलेटेड वार्ड में रखा गया है।
युवक का वीडियो हुआ वायरल
डीपीएम श्याम कुमार निर्मल के मुताबिक युवक का एक वीडियो वायरल हुआ है। युवक पीएमसीएच में कैद कर रखने और किसी तरह की सुविधा नहीं देने की बात कहते हुए सुनाई पड़ रहा है। डीपीएम ने कहा कि वायरल वीडियो की पड़ताल की गई तो पता चला कि शेखपुरा रेलवे स्टेशन पर से युवक को आरपीएफ की टीम पावापुरी में भर्ती करायी थी। वहां से उसे पीएमसीएच रेफर कर दिया गया है।
महाराष्ट्र से शेखपुरा आ रहा था युवक
बताया जा रहा है कि युवक महाराष्ट्र से शेखपुरा आ रहा था। स्टेशन पर सर्दी, खासी और बुखार के लक्षण रहने पर आरपीएफ ने युवक को पावापुरी में भर्ती करा दिया। उन्होंने बताया कि संदिग्ध मरीज कोरोना से पीड़ित है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
बस से लेकर बैंक में सेनेटाइजर का उपयोग
कोरोना के खौफ का ही कमाल है कि यात्री बस से लेकर बैंक तक में सेनेटाइजर का उपयोग होने लगा है। इसकी शुरुआत सतपाल बस सर्विस द्वारा की गई है। सतपाल यादव ने बताया कि सड़क पर चलने वाली उनकी आधा दर्जन से अधिक बसों को यात्रियों के चढ़ने से पहले पूरी तरह से सेनेटाइजर से साफ किया जाता है। इतना ही नहीं सेनेटाइजर से ही यात्रियों को हाथ धुला कर बस में प्रवेश करने दिया जाता है। कुछ इसी तरह की व्यवस्था बैंकों में भी की गई है। बैंक आने वाले यात्रियों को सेनेटाइजर से हाथ धुलाया जा रहा है।
पीएचसी में कोरोना के लिए नहीं है कोई व्यवस्था
प्रखंडों में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केद्रों में कोरोना के मरीजों के लिए किसी तरह की व्यवस्था नहीं की गई है। इस पर अपनी सफाई देते हुए डीपीएम ने बताया कि कोरोना के लिए सदर अस्पताल में फिलहाल छह बेड का आइसोलेटेड वार्ड बनाया गया है। शेखपुरा में अबतक कोई भी कोरोना का मरीज नहीं मिला है। यदि ग्रामीण इलाकों में भी कोरोना का मरीज पाया जाता है तो उसे सदर अस्पताल में लाकर इलाज किया जाएगा।