
देशभर में पटाखों की बिक्री और पटाखे चलाने पर रोक पर सुप्रीम फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने दीवाली और दूसरे तीज त्योहार पर शर्त के साथ पटाखे छोड़ने का आदेश दे दिया है।
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रात 8 बजे से 10 बजे तक पटाखे छोड़ने की छूट
दीवाली के अवसर पर रात 8 बजे से 10 बजे के बीच ही पटाखे चलाए जा सकेंगे. जबकि न्यू ईयर के मौके पर रात 11 बजकर 45 मिनट से रात 12 बजकर 15 मिनट तक पटाखे छोड़ सकते हैं। यानि नए साल के स्वागत के लिए पटाखे छोड़ने के लिए आधे घंटे की छूट मिली है ।सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, यह समयसीमा पूरे देश पर लागू होगी.
नियम लागू करना थानेदार की जिम्मेदारी
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा, इस आदेश पर अमल करने के लिए हर इलाके का SHO जवाबदेह होगा, और अगर आदेश का पालन नहीं हुआ, तो SHO को निजी तौर पर कोर्ट की अवमानना का दोषी माना जाएगा।
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पटाखा बेचने पर से रोक हटी
सुप्रीम कोर्ट ने कम एमिशन वाले पटाखों को बेचने की इजाजत दे दी है। हालांकि सिर्फ लाइसेंसधारी वाले ही पटाखे बेचे जा सकेंगे. लेकिन पटाखों की ऑनलाइन बिक्री पर भी रोक लगा दी है. कोर्ट ने कहा कि ऑनलाइन बेचने पर अवमानना माना जाएगा.
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा, पटाखों की बिक्री से जुड़े ये निर्देश सभी त्योहारों तथा शादियों पर भी लागू होंगे. दीवाली के अवसर पर पटाखे रात को 8 बजे से 10 बजे के बीच ही चलाए जा सकेंगे. सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, यह समयसीमा पूरे देश पर लागू होगी. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा, इस आदेश पर अमल करने के लिए हर इलाके का SHO जवाबदेह होगा, और अगर आदेश का पालन नहीं हुआ, तो SHO को निजी तौर पर कोर्ट की अवमानना का दोषी माना जाएगा.
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आपको बता दें कि 28 अगस्त को जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण ने दलील पूरी होने के बाद फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने देशभर में पटाखों की बिक्री पर बैन का विरोध किया. केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा-पटाखों के उत्पादन को लेकर नियम बनाना बेहतर कदम है. एल्युमिनियम और बेरियम जैसी सामग्री का इस्तेमाल रोकना सही होगा. तमिलनाडु सरकार, पटाखा उत्पादकों और विक्रेताओं ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- बिना किसी ठोस वैज्ञानिक रिसर्च के कोर्ट ने पिछले साल दिल्ली में पटाखों की बिक्री रोक दी थी. इससे लाखों लोगों का रोजगार प्रभावित हुआ. प्रदूषण के लिए पटाखों से ज्यादा कई अन्य चीजें जिम्मेदार हैं.