
नालंदा लोकसभा सीट का उम्मीदवार कौन होगा इसका आखिरी फैसला नीतीश कुमार को ही करना है. नालंदा सीट के लिए उन्हें किसी की सलाह या राय की जरूरत नहीं है. नालंदा के लोग भी नीतीश कुमार पर भरोसा करते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अभिभावक होने के नाते जिला के कार्यकर्ताओं से टिकट को लेकर राय ली. साथ ही लोकसभा चुनाव को लेकर चर्चा की.
विधायक से लेकर जिलाध्यक्ष थे मौजूद
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नालंदा जेडीयू के कार्यकर्ताओं और नेताओं को तलब किया था. ऐसे में नालंदा के 100 से ज्यादा नेता और कार्यकर्ता नीतीश कुमार से मिलने मुख्यमंत्री आवास पहुंचे. जिनमें राजगीर के विधायक रवि ज्योति, अस्थावां विधायक जितेंद्र कुमार,इस्लामपुर विधायक चंद्रसेन,एमएलसी हीरा बिंद,जिलाध्यक्ष बनारस प्रसाद और प्रवक्ता अजय पटेल समेत तमाम नेता मौजूद थे.
नीतीश कुमार ने जानी राय
मुख्यमंत्री ने चुनाव और टिकट को लेकर सब से अलग-अलग मुलाकात की. वो विधायकों से अलग कमरे में मिले तो कार्यकर्ताओं से अलग बात की. इस दौरान सीएम नीतीश कुमार ने लोगों से नालंदा के बारे में पूछा, ऐसे में सभी लोगों ने एक सुर में कहा कि आप जिसे देंगे वो हमें स्वीकार है. हमारी ओर से न तो किसी का नाम है और न ही किसी का विरोध है.
नीतीश कुमार ने क्या कहा
लोगों की राय जानने के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि ठीक है इसका फैसला हम पर छोड़ दीजिए. आपलोग से मिलने का समय नहीं मिल पाएगा और नालंदा में आखिरी चरण में चुनाव है. ऐसे में मुलाकात भी उसी समय होगा. मुख्यमंत्री ने चुनाव तैयारियों के दौरान संगठन को लेकर भी चर्चा की और संगठन में आ रही दिक्कतों के बारे में भी लोगों से पूछा. कार्यकर्ताओं की समस्याओं को दूर करने के लिए उन्होंने संगठन के अधिकारियों के लिए निर्देश दिया. साथ ही कार्यकर्ताओं से जी जान से चुनाव में जुटने को कहा.
आपको बता दें कि नालंदा लोकसभा सीट पर आखिरी चरण में 19 मई को मतदान होने हैं. एनडीए में सीट बंटवारे के बाद ये सीट जेडीयू के खाते में गई है . ऐसे में जेडीयू के यहां कौन उम्मीदवार होगा इसका फैसला होली के बाद होगा.