
विश्व प्रसिद्ध राजगीर का मलमास मेला शुरू हो गया है। 13 जून तक चलने वाले इस मलमास मेले का उद्घाटन खुद नालंदा के लाल और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया। मुख्यमंत्री ने कुंड परिसर में पूजा अर्चना की और ध्वजा गाड़कर मेले की शुरुआत की। कहा जाता है कि जैसे ही राजगीर में ध्वजा फहरा दिया जाता है । वैसे ही 33 करोड़ देवी देवताओं का वास राजगीर में हो जाता है। अगले एक महीने तक सभी देवी देवता राजगीर में वास करते हैं। राजगीर में लगा मलमास मेला इस बार ऐतिहासिक और अनोखा है। क्योंकि पहली बार कई चीजों को शामिल किया गया है। राजगीर मलमास मेला में इस बार क्या क्या खास है ? कौन कौन थियेटर लगे हैं ? कितने मौत का कुआं हैं? कितना सर्कस है ? मीना बाजार का आकर्षण क्या क्या है? बच्चों के लिए इस बार क्या खास है? इन सब सवालों का जवाब इस रिपोर्ट में आपको मिलेगा ?

सीएम नीतीश कुमार ने 50 साल पुराना अंधविश्वास तोड़ा
राजगीर के मलमास मेला को पहली बार राजकीय मेला का दर्जा मिला है। साथ ही 50 साल बाद नीतीश कुमार ने पुरानी सारी मिथ्कों को तोड़ते हुए मेला का उद्घाटन किया। आपको बता दें कि इससे पहले साल 1968 में तत्कालीन मुख्यमंत्री सतीश प्रसाद सिंह ने राजगीर में मलमास मेले का उद्घाटन किया था । कहा जाता है कि मेला के उदघाटन करने के 5 महीने बाद ही उनकी कुर्सी चल गई थी । उसके बाद से ये मिथ्य हो गया था कि मलमास मेला का उद्घाटन करने वाले मुख्यमंत्री की कुर्सी नहीं बचती है । उन्हें कुर्सी गंवानी पड़ती है। लेकिन अब 50 साल बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस अंधविश्वास को तोड़ा है । उन्होंने इस मिथ्य को धत्ता बताते हुए मलमास मेला का उद्घाटन किया।

पहली बार महामंगला आरती
वाराणसी और हरिद्वार के तर्ज पर महामंगला आरती का भी आयोजन किया गया है। अगर आप हरिद्वार और वाराणसी में गंगा आरती का मजा लेना चाहते हैं तो भी आप राजगीर जा सकते हैं। क्योंकि यहां भी सरस्वती नदी के घाट पर महाआरती का आयोजन किया जाएगा। राजगीर मलमास मेला में ये पहली बार हो रहा है

तीन-तीन थियेटर कर रहा है आपका इंतजार
राजगीर मलमास मेले में इस बार एक नहीं तीन-तीन थियेटर आपका इंतजार कर रहा है। शोभा, विकास और गुलाब थियेटर आपके मंनोरंजन के लिए तैयार है। कहा जाता है कि जैसे जैसे दिन ढलता जाता है और रात अपने आगोश में लेती है वैसे वैसे थियेटर का नशा भी चढ़ता है। शोख चंचल नर्तकियों घुंघरू की झंकार और मखमली आवाज लोगों को अपनी ओर खींच लेती है। न चाहते हुए भी लोग बरबस खिचे चले आते हैं।थियेटर में बार बालाओं की एक एक अदाओं पर लोग मर मिटते हैं। हालांकि इस दौरान कई बार मारपीट तक की नौबत आ जाती है
पलभर में गायब कर देने वाला मायावी दुनिया
राजगीर मलमास मेला में मायावी दुनिया भी लोगों को खूब अपनी ओर आकृषित करता है। पल भर में लोगों को गायब कर देने वाले जादूगर भी राजगीर मलमास मेला में आपका इंतजार कर रहा है ।
जान की बाजी लगाकर आपका मनोरंजन करने वाला सर्कस
राजगीर मलमास मेला में इस बार सर्कस भी आपका इंतजार कर रहा है। याद है न वो दो फीट का बौना और वो जोकर जो पोल पर उछल कूद मचाते थे। आपको रस्सियों के सहारे खतरनाक स्टंट करती लड़कियां भी दिखेंगी। जिनके हैरत अंगेज कारनामों से आप दांतो तले अंगुलियां दबाने को मजबूर हो जाएंगे।
तीन-तीन खतरनाक मौत का कुआं
राजगीर मलमास मेला में पहली बार तीन तीन मौत का कुआं है। जी हां, वो मौत का कुआं जिसे देखते वक्त आपकी धड़कने तेज हो जाती है। जान की बाजी लगाकर महिला और पुरुष कलाकार आपका मनोरंजन करते हैं। 50 फीट गहरी मौत के कुआं में जिसकी उपरी चौड़ाई 65 फीट और नीचे की चौड़ाई 52 फीट है। उसके सर्किल राऊंड मे एक साथ पांच मारुती और पांच मोटर साइकिल पर सवार कलाकारों की खतरनाक कलाबाजियां देखकर आपकी सांस थम जाएगी ।

महिलाओं और बच्चों के लिए तो बहुत कुछ है
रंग बिरंगे अत्याधुनिक झूले महिलाओं और बच्चों को आसमान में कई फुट उपर तक हवा मे सैर करायेंगे। इस बार भी आसमान तारा, टोरा टोरा, ब्रेक डांस, ड्रेगन ट्रेन, हिचकोला नाव आपका इंतजार कर रहा है ।
महिलाओं का मीना बाजार
मीना बाजार भी विभिन्न प्रकार के खिलौनों और सामान से सज चुकी है। महिलाएं अपने लिए चूड़ी लहठी और सौदार्य के दूसरे सामान यहां से खरीद सकती हैं। और बच्चों के लिए क्या कहना है उनके लिए तो एक से बढ़कर एक खिलौने हैं। चाहे रिमोर्ट कार हो, घोड़ा गाड़ी हो आदि
इस बार और भी कई चीजें हैं जो आपको पहली बार राजगीर मलमास मेला में देखने को मिलेगा। तो आप भी राजगीर जाने के लिए हो जाइए तैयार और मेला का लुफ्त उठाइए
इसे भी पढि़ए-राजगीर मलमास मेला में कब-कब होगा शाही स्नान.. जानिए