Home खास खबरें नालंदा में ब्रह्मभोज खाने के बाद गांव में हाहाकार, 100 से ज्यादा बीमार

नालंदा में ब्रह्मभोज खाने के बाद गांव में हाहाकार, 100 से ज्यादा बीमार

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नालंदा जिला के राजगीर प्रखंड के जती भगवानपुर गांव में देर रात हाहाकार मच गया। श्राद्ध का भोज खाने के बाद 100 से भी अधिक लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ गयी। लोगों को उल्टी होने लगी। शुरू में एक दो लोगों को हुआ तो मामूली रूप से लिया गया लेकिन जब गांव के लगभग सभी घरों के किसी न किसी सदस्य की तबीयत बिगड़ने लगी तो पूरे गांव में अफरातफरी मच गई। बुजुर्ग महिला-पुरुष, बच्चे, जवान सभी उम्र के लोग फूड प्वाइजनिंग के शिकार हुए। पूरे गांव में हंगामा की स्थिति बन गयी। जिनकी तबीयत ठीक थी या जिन्होंने भोज नहीं किया था वह सभी आनन-फानन में लोगों को अस्पताल पहुंचाने में जुट गये।

अस्पताल में नहीं मिला बेड तो गए निजी क्लिनिक
करीब 45 लोगों को राजगीर अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। मरीज और परिजनों से पूरा अस्पताल खचाखच भर गया। राजगीर शहर में भी इसकी चर्चा फैली तो काफी लोग देखने पहुंच गये। बेड और संसाधन कम पड़ गया तो लोगों ने निजी क्लिनिकों का सहारा लिया। आधा दर्जन निजी क्लीनिकों में करीब 40-45 मरीज भर्ती कराये गये। सभी के परिजन काफी नर्वस थे।

तुरंत एक्शन में आया जिला प्रशासन
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। रात को ही एसडीओ संजय कुमार, डीएसएलआर मो. इफ्तिखार अहमद, बीडीओ रज्जन लाल निगम पूरी टीम के साथ अस्पताल पहुंचे। पूरी घटना की जानकारी ली। खुद अस्पताल में मौजूद रहकर सभी के इलाज की व्यवस्था पर नजर बनाये रखे। अस्पताल के सभी डाक्टर भी रात भर मरीजों की तीमारदारी में लगे रहे। सुबह में जैसे-जैसे स्वास्थ्य में सुधार होता गया लोगों को डिस्चार्ज करते गये।

जांच के लिए लिया गया सैंपल
प्रशासन ने गांव पहुंचकर भोज में परोसे गये खाने-पीने के सामानों का सैंपल ले लिया है। इसकी जांच होगी। हालांकि भोज में 1500 से भी अधिक लोग शामिल हुए थे। जबकि 100 से अधिक लोगों की ही तबीयत खराब हुई है।एसडीओ ने बताया कि श्राद्ध का भोज खाने से तबीयत खराब हुई है। हालांकि काफी लोग भोज में शामिल हुए थे। किस चीज के खाने से फूड प्वाइजनिंग हुई है इसकी जांच के लिए सैंपल ले लिया गया है। मंगलवार की देर रात करीब सवा 1 बजे की घटना है।

क्या बना था खाना
मुखिया अनिता देवी ने बताया कि गांव में मंगलवार की रात सुनील यादव के पिता स्व. जागो यादव के श्राद्ध का भोज था। खाने में पुड़ी, सब्जी, बुंदिया, रसगुल्ला, रायता, चटनी था। 1500 से अधिक लोग भोज में शामिल हुए। भोजन करने के बाद कई लोगों को उल्टी होने लगी। तबीयत खराब हो गई और बेचैनी महसूस करने लगे। स्थानीय प्रशासन और अस्पताल को सूचना दे दी गयी। ज्यादा मरीज होने के कारण निजी क्लीनिकों में भी भर्ती कराया गया।

सुधार होने के बाद मरीजों को पहुंचाया जा रहा घर
अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी डा. उमेश चन्द्र ने बताया कि फूड प्वाइंजनिंग से लोगों की तबीयत खराब हुई थी। इलाज के बाद सभी के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। जैसे-जैसे स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है वैसे-वैसे उन्हें डिस्चार्ज किया जा रहा है। निजी क्लीनिक में जो भर्ती किये गये थे उनकी भी तबीयत में सुधार है और उन्हें घर पहुंचाया जा रहा है।

देर से खाने से तबीयत बिगड़ने की चर्चा
हालांकि चर्चा इस बात की भी है कि देर से खाने से भी तबीयत बिगड़ सकती है। ज्यादा गर्मी में देर से खाना नहीं पचने के कारण यह स्थिति पैदा हुई होगी। लोगों का कहना है कि यदि फूड प्वाइजनिंग होती तो सभी खाने वाले लोगों की तबीयत बिगड़ती।

कौन कौन बीमार पड़े
शंकर कुमार, जन्मजे प्रसाद, सोनाली कुमारी, दिलखुश कुमार, मिंतु देवी, सैलेश कुमार, विनय कुमार, दिपक कुमार, किमती कुमारी, सुधीर कुमार, पुजा देवी, अनिता देवी, राकेश कुमार, रामदेव यादव, ललन कुमार, संर्गष कुमार, संतोष कुमार, कारू यादव, सचोन कुमार, परमेश्वर सिंह, सरीफ कुमार, मनीष कुमार, अनुज कुमार, विकास कुमार, देवशरण यादव, रौशन कुमार, रौशन कुमार, सन्नी कुमार, शिवम कुमार, सलोनी कुमारी, गुली कुमारी, सोनी कुमारी, राममृक्ष प्रसाद, विटु कुमार, शैलेन्द्र यादव, टुनटुन कुमार, लवकुश, शियासरण रविदास, खुशबू कुमारी, सोनू कुमार, मनोरंजन कुमार, संजीव कुमार, गौरी देवी, कुन्दन कुमार, सकिन्द्र कुमार, विन्दी प्रसाद, सोनम कुमारी, नितीश कुमार, संतोष कुमार सहित अन्य लोग शामिल है।

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