
आज पूरे देशभर में नागपंचमी का त्योहार मनाया जा रहा है।नागपंचमी के अवसर पर शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ है। भगवान शिव और माता पार्वती के साथ-साथ नाग देवता की भी पूजा की जा रही है। सांपों को दूध और लावा अर्पित कर भक्त परिवार की सुख समृद्धि और सुरक्षा का वरदान मांग रहे हैं।

नाग के किन 12 स्वरुपों की होती है पूजा
नाग पंचमी के दिन नागराज और उनके 12 स्वरूपों की पूजा की जाती है। ये हैं- अनंता, वासुकी, शेष, कालिया, तक्षक, पिंगल, धृतराष्ट्र, कार्कोटक, पद्यमनाभ, कंबाल, अश्वतारा, और शंखपाल। आज के दिन कालसर्प दोष का विशेष पूजन भी होता है।

क्या होता है कालसर्प दोष
ज्योतिषों के मुताबिक कुंडली में समस्त ग्रह राहु और केतु के मध्य में हों, तो सम्पूर्ण कालसर्प दोष बनता है और उसकी शांति पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त नागपंचमी का ही दिन है।

किस मंत्र का जाप करें
नागपंचमी पर ऊं नम: शिवाय और महामृत्युंजय मंत्रों का जाप सुबह-शाम करना चाहिए। इसके अलावा ओम कुरू कुल्ले फट स्वाहा मंत्र भी का जाप करना चाहिए। साथ ही नागपंचमी के दिन रुद्राभिषेक कराने का काफी महत्व है।

घरों में लगाएं नीम की टहनियां
नागपंचमी के मौके पर घरों के दरवाजा पर नीम की टहनी भी लगाने का प्रचलन है। ऐसे में लोगों को नीम की टहनियां तोड़ कर घर में लगाते देखा जा रहा है। कहा जाता है कि इसे रोग व्याधि और अपशगुन भाग जाते हैं।
धान का लावा,आम और कटहल का कोवा का महत्व
मान्यता है कि नागपंचमी के दिन धान का लावा,आम और कटहल के कोवा का सेवन करना चाहिए। ऐसे में नागपंचमी के दिन इसकी खूब बिक्री भी हुई। कटहल के कोवा तो 100 रुपए किलो तक बिका। तो वहीं धान का लावा 120 रुपए किलो और आम 100 रुपए किलो तक बिका