
नालंदा जिला में हड़ताली शिक्षकों पर गाज गिरना शुरू हो गया है । नालंदा में 160 शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है । जबकि 215 शिक्षकों पर बिहार परीक्षा अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है।
कहां कितने शिक्षक सस्पेंड हुए
जिला परिषद – 125
नगर पंचायत सिलाव- 01
नगर पंचायत इस्लामपुर-04
नगर पंचायत राजगीर – 05
नगर परिषद हिलसा – 07
नगर निगम बिहारशरीफ़ – 18
कौन कौन शिक्षक सस्पेंड
पल्लवी प्रियदर्शी- कॉमर्स- नालंदा कॉलेजिएट स्कूल
मोहम्मद जुबेर आलम- रसायन शास्त्र-नालंदा कॉलेजिएट स्कूल
नितेश कुमार-रसायन शास्त्र- उच्च विद्यालय झींगनगर
प्रतिमा चौधरी-मनोविज्ञान- नालंदा कॉलेजिएट स्कूल
उपेंद्र कुमार सिन्हा-अंग्रेजी- नालंदा कॉलेजिएट स्कूल
कुमार गोपाल-अंग्रेजी-उच्च विद्यालय झींगनगर
नाजनीन कैसर-हिंदी- आदर्श विद्यालय बड़ी पहाड़ी
वरुण कुमार-हिंदी- उच्च विद्यालय झींगनगर
रवि रंजन कुमार-हिंदी- आदर्श उच्च विद्यालय
अनुज प्रसाद-रसायन शास्त्र-नालंदा कॉलेजिएट स्कूल
गीतांजलि- रसायन शास्त्र- एसएस बालिका उच्च विद्यालय
उषा सिन्हा-रसायन शास्त्र- एसएस बालिका उच्च विद्यालय
पल्लवी कुमारी-रसायन शास्त्र- बड़ी पहाड़ी उच्च विद्यालय
शिप्रा भारती- रसायन शास्त्र- आदर्श उच्च विद्यालय
पप्पू कुमार-गणित-एसएस बालिका उच्च विद्यालय
श्रवण कुमार- गणित-उच्च विद्यालय बड़ी पहाड़ी
इरशाद आलम- गणित-आदर्श उच्च विद्यालय
अशोक कुमार-भौतिकी-एसएस बालिका उच्च विद्यालय
4 दिनों में 35491 कॉपी की जांच
नालंदा जिले के पांच मूल्यांकन केन्द्रों पर 290596 कॉपियों की जांच होनी है। लेकिन 4 दिनों के बाद महज 35491 कॉपियों की जांच हो पाई है। इसके बाद भी 2 लाख 55 हजार 105 कॉपियों की जांच होना बाकी है। कड़ी कार्रवाई के बाद शनिवार को 12 परीक्षकों ने योगदान दिया। इस तरह 794 परीक्षकों में से 550 परीक्षकों ने योगदान दे दिया है।
मूल्यांकन कार्य के लिए गाइडलाइन
विद्यालय परीक्षा समिति ने मूल्यांकन के लिए गाइडलाइन जारी किया है । जिसके मुताबिक इंटर के उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन प्लस टू स्कूल के रिटायर्ड शिक्षक को स्थानीय स्तर पर मूल्यांकन केन्द्र निदेशक द्वारा प्रधान परीक्षक या सह परीक्षक के रूप में नियुक्त किया जा सकता है। इसके अलावा मास्टर डिग्री धारी और कम से कम डेढ़ वर्ष के शैक्षणिक अनुभव को रखने वाले शिक्षकों को स्थानीय स्तर पर परीक्षक के रूप में नियुक्त किया जा सकता है। अंगीभूत माध्यमिक विद्यालय या प्लस टू विद्यालय में अद्यतन रूप से कार्यरत वैसे शिक्षकों का जिनका नाम उनके प्राचार्य द्वारा समिति के पोर्टल पर किसी कारणवश अपलोड नहीं किया जा सका वैसे अर्हता रखने वाले शिक्षकों को लगाया जा सकता है।