फजीहत होने पर नीतीश सरकार का यू-टर्न.. अब नहीं बनेगा…

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सोशल मीडिया हो रही फजीहत और विपक्ष के तीखे सवाल से परेशान होकर आखिरकार नीतीश सरकार को अपना फैसला वापस लेना पड़ा है. अब मुख्यमंत्री आवास पर अस्थायी हॉस्पिटल नहीं बनेगा.

सरकार ने रद्द किया आदेश
मुख्यमंत्री आवास में अब हॉस्पिटल नहीं बनाया जाएगा. सीएम आवास में जिन डॉक्टरों और नर्सों की तैनाती का आदेश पीएमसीएच अधीक्षक ने दिया था, तत्काल प्रभाव से उस आदेश को रद्द कर दिया गया है.

अस्थायी अस्पताल बनना था
कोरोना संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सीएम आवास यानि एक अणे मार्ग पर अस्थायी अस्पताल बनाने का आदेश दिया गया था. जिसमें वेंटिलेटर तक की सुविधा मुहैया कराने की तैयारी थी. साथ ही 24 घंटे डॉक्टरों और नर्सों की तैयारी की गई थी. इसके लिए तीन शिफ्ट बनाए गए थे. जिसमें छह डॉक्टर और तीन नर्सों की तैनाती करने का आदेश दिया गया था. दरअसल, मुख्यमंत्री आवास में कोरोना का वेंटीलेटर युक्त अस्पताल खोलने का फैसला सीएम की भतीजी के कोरोना संक्रमित होने के बाद लिया गया था.

दो दिन पहले आई थी सीएम की रिपोर्ट
आपको बता दें कि बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद से ही सियासी महकमे में हड़कंप मचा है. सीएम नीतीश कुमार भी अवधेश नारायण सिंह के संपर्क में आए थे. जिसके बाद उन्होंने अपना कोरोना टेस्ट कराया था. जो की निगेटिव निकला था

तेजस्वी यादव ने उठाए थे सवाल
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने इसे लेकर सवाल उठाया था । तेजस्वी यादव ने कहा था कि आमलोगों इलाज के अभाव में मर रहे हैं और सीएम के घर पर आधुनिक सुविधाओं वाला अस्पताल खोला जाता है. साथ ही सीएम की कोरोना रिपोर्ट दो घंटे में आ जाती है आम लोगों की रिपोर्ट में 5-7 दिन लगता है.

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