नालंदा में फर्जी नियुक्ति पत्र पर नौकरी कर रहा पर्यवेक्षक गिरफ्तार, शेखपुरा का है रहने वाला

0

नालंदा पुलिस ने फर्जी पर्यवेक्षक को गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि फर्जी नियुक्ति पत्र के आधार पर वो पिछले डेढ़ महीने से काम कर था. पुलिस अब उसकी तलाश में जुटी है. जिसने उसे फर्जी नियुक्ति पत्र दिया था.

इसे भी पढ़िए-नालंदा में मिले कोरोना के 114 नए मरीज, जानिए कहां कितने मिले

क्या है पूरा मामला
नालंदा जिला में सीसीटीएनएस यानि क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिग नेटवर्क एंड सिस्टम परियोजना चल रही है. जिसमें फर्जी नियुक्ति पत्र के आधार पर पिछले डेढ़ महीने से कन्हैया कुमार काम कर रहे थे. कन्हैया कुमार शेखपुरा जिला के जयरामपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं. ये गिरफ्तारी टीसीएस लिमिटेड के प्रबंधक और सिस्टम सर्विस स्टेशन के प्रोजेक्ट हेड मुकेश कुमार के आवेदन के आधार पर कार्रवाई की गई है।

इसे भी पढि़ए- पटना में छात्रों ने डिप्टी सीएम के घर का किया घेराव, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

सैलरी से हर महीने तीन हजार देने पर हुआ था डील
कन्हैया कुमार को बिहार थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है. कन्हैया कुमार ने पूछताछ में बताया कि सिस्टम सर्विस स्टेशन ,बिहार के भेंडर सत्यम सांडिल ने उन्हें नियुक्ति पत्र दिया था। जिसमें सैलरी से हर महीने तीन हजार रुपए देने की बात कही गई थी। वहीं, प्रोजेक्ट हेड मुकेश कुमार ने बताया कि जिस पत्र के आधार पर कन्हैया नौकरी कर रहा था,वो फर्जी है। पत्र में अंकित ज्ञापांक संख्या और हस्ताक्षर को स्कैन कर यह नियुक्ति पत्र बनाया गया है। क्योंकि उक्त नंबर का पत्र किशनगंज में कार्यरत अलख निरंजन और मो.हसन रजा के नाम से निर्गत किया गया था।

इसे भी पढ़िए-नालंदा में 15 जगहों पर सरकार बना रही है बस स्टॉप, जानिए कहां कहां है

सवाल कई हैं
अब सवाल ये है कि जब कंपनी ने कोई नियुक्ति पत्र निर्गत नहीं किया तो कंपनी और नालंदा में इस प्रोजेक्ट के नोडल पदाधिकारी ने कन्हैया की पूरी छानबीन क्यों नहीं की ? आखिर कन्हैया कैसे पुलिस के नाक के नीचे काम करता रहा ? सिस्टम सर्विस स्टेशन ने पिछले डेढ़ महीने से अन्य स्टाफ से कन्हैया के बारे में क्यों नहीं पूछा ? बिना पहचान पत्र के वो कैसे काम कर रहा था? ऐसे कई सवाल है जिसका जवाब फिलहाल टीसीएस और सिस्टम सर्विस स्टेशन के अधिकारी के पास नहीं है। सवाल पूछने पर वह भी टाल-मटोल करने लगे। अब पुलिस को इस मामले में गंभीरता से जांच करनी होगी कि कही कंपनी के अन्य लोग तो इस खेल में शामिल नहीं है। इसका खुलासा सत्यम सांडिल की गिरफ्तारी के बाद ही हो पाएगा।

Load More Related Articles
Load More By Nalanda Live
Load More In अपराध

Leave a Reply

Check Also

किसान के बेटे ने किया कमाल.. 3 करोड़ का पैकेज

कौन कहता है आसमान में सूराख नहीं हो सकता .. बस तबीयत से पत्थर तो उछालो दोस्तों.. बक्सर के …