
बिहार में संविदा पर काम कर रहे सरकारी डॉक्टरों के लिए खुशखबरी है। बिहार सरकार ने उनकी रिटायरमेंट की उम्र बढ़ा दो साल दी है। यानि अब बिहार में सरकारी डॉक्टर 65 की बजाय 67 साल में रिटायर होंगे। ये फैसला सिर्फ संविदा यानि कॉन्ट्रैक पर तैनात डॉक्टरों पर भी लागू होगा। यानि सामान्य डॉक्टरों पर यह नियम लागू नहीं होगा। राज्य में डॉक्टरों के स्वीकृत पदों की संख्या 2479 है, जिसमें करीब 700 डॉक्टर संविदा पर कार्यरत हैं।दरअसल, बिहार सरकार ने ये फैसला सूबे में डॉक्टरों की कमी को देखते हुए लिया है। आपको बता दें कि बिहार में 17,685 की आबादी पर एक डॉक्टर उपलब्ध है। जबकि देश में सरकारी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों की संख्या के अनुसार आबादी और चिकित्सक अनुपात 1:11,097 है। यानी 11,097 लोगों पर 1 डॉक्टर उपलब्ध है। यानि बिहार में डॉक्टरों का अनुपात देश के अनुपात से काफी कम है। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानि डब्लूएचओ के मुताबिक एक हजार की आबादी पर एक डॉक्टर होने चाहिए। लेकिन बिहार में करीब 18 हजार की आबादी पर एक डॉक्टर उपलब्ध हैं। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ हेल्थ इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में साल 2017 तक 10 लाख चिकित्सक पंजीकृत थे।जिसमें बिहार में 40,043 डॉक्टर ही रजिस्ट्रर्ड हैं। जबकि बिहार में सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों और सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की संख्या महज 6,830 है। इसे देखते हुए बिहार सरकार ने सरकारी डॉक्टरों के रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने का फैसला किया है।