
बिहार में नीतीश कुमार ने अपनी सरकार का रविवार को विस्तार किया. राज्य कैबिनेट में 8 नए चेहरों को जगह मिली है, जिसमें बीजेपी या एलजेपी से कोई चेहरा नहीं है. शपथ ग्रहण के कुछ ही समय बाद मंत्रियों के विभाग का बंटवारा भी हो गया. कांग्रेस छोड़ जेडीयू में शामिल हुए अशोक चौधरी को भवन निर्माण मंत्रालय का जिम्मा मिला है, तो श्याम रजक उद्योग विभाग के मंत्री बनाए गए हैं.
इसके अलावा नीरज कुमार को सूचना व जनसंपर्क विभाग, बीमा भारती को गन्ना उद्योग विभाग, राम सेवक सिंह को समाज कल्याण, संजय झा को जल संसाधन विभाग महेश्वर हजारी को योजना विभाग और जय कुमार सिंह को साइंस व टेक्नोलॉजी मंत्रालय का जिम्मा मिला है.
जेडीयू और एलजेपी से एक भी सदस्य नहीं
रविवार को मंत्री पद की शपथ लेने वाले सभी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के सदस्य हैं. राज्य की एनडीए सरकार में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को आज हुए मंत्रिपरिषद के विस्तार में जगह नहीं मिली है.
लोकसभा चुनाव के बाद जीतकर संसद पहुंचे बिहार के तीन मंत्रियों ने इस्तीफा दिया था, जिसके बाद मंत्रिमंडल का विस्तार तय माना जा रहा था, लेकिन केंद्र सरकार के शपथ ग्रहण के तीन दिन बाद ही बिहार सरकार के कैबिनेट विस्तार को नीतीश कुमार के पलटवार से भी जोड़कर देखा जा रहा है.
नीतीश कुमार की पार्टी ने केंद्र सरकार में सांकेतिक हिस्सेदारी से इनकार कर दिया था और आनुपातिक प्रणाली से कैबिनेट में हिस्सेदारी की बात कही थी. केंद्र सरकार के गठन के बाद इस्तीफा देने वाले मंत्रियों में बिहार के जल संसाधन मंत्री ललन सिंह, पशुपालन मंत्री पशुपति कुमार पारस और आपदा प्रबंधन मंत्री दिनेश चंद्र यादव हैं.