
पावापुरी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों की गुंडागर्दी सामने आई है. जूनियर डॉक्टरों ने मरीज के परिजन को दौड़ा दौड़ा कर पीटा है. जूनियर डॉक्टरों पर मरीज के परिजन को लोहे के रॉड और चेन से बुरी तरह पिटाई करने का आरोप है. बताया जा रहा है कि मौके पर पहुंची पुलिस से जूनियर डॉक्टर उलझ गए। जिसके बाद एसपी को मौके पर पहुंचना पड़ा। जख्मी परिजन का इलाज सदर अस्पताल में कराया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला
शेखपुरा के रहने वाले राकेश कुमार अपने बेटे सुमन का इलाज कराने पावापुरी के विम्स अस्पताल आए थे. उसे हाई फीवर था। उसके कई परिजन भी वहां पहुंच रहे थे। परिजन बार-बार मरीज को देखने के लिए जूनियर डॉक्टरों से कह रहे थे। सीनियर डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे। परिजनों ने बताया जूनियर बिना यूनिफार्म के थे। उसी दौरान विवाद हुआ। जिसके बाद परिजनों ने माफी भी मांग ली। ये घटना शाम में हुई।
दौड़ा दौड़ा कर पीटा
परिजन के माफी मांगने के बाद भी जूनियर खुन्नस पाले थे। देर रात अमित उर्फ ओंकार मरीज से मिलने पहुंचे। मेन गेट पर ही जूनियर डॉक्टरों ने परिजन को घेर लिया और रॉड, चेन, लोहे के पंजे से पिटाई करने लगे। जूनियर गुंडों की तरह परिजन को दौड़ा-दौड़ा कर पीट रहे थे। सूचना के बाद ओपी प्रभारी प्रभा कुमारी मौके पर पहुंच कर युवक को बचाया। जूनियर पुलिस से भी उलझ पड़े। इसके बाद राजगीर एसडीओ, डीएसपी, बीडीओ समेत अन्य पदाधिकारी पहुंचे। इस दौरान जूनियर नारेबाजी करने लगे। धक्का-मुक्की भी की। इसके बाद मौके पर एसपी निलेश कुमार को पहुंचना पड़ा।
7 डॉक्टरों पर केस दर्ज
पीड़ित अमित कुमार उर्फ ओंकार सिंह ने पावापुरी ओपी में सात जूनियर डॉक्टरों के अलावा 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. जिन सात जूनियर डॉक्टरों पर केस दर्ज हुआ है. उसमें मनाजिर खान, दानिश अहमद खान, आशीष रंजन, अल्कमा इकबाल, आशीष कुमार अंजु, राहुल कश्यप और नाहिद जावेद शामिल हैं।

प्रिंसिपल ने बताया गलतफहमी
वहीं, पावापुरी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल का कहना है कि गलतफहमी में घटना हुई। जबकि पावापुरी ओपी की सहायक थाना प्रभारी प्रभा कुमारी ने बताया कि पुलिस कार्रवाई में जुटी है।