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नालंदा में फसल का अवशेष जलाना पड़ा महंगा.. किन-किन किसानों पर गिरी गाज., जानिए

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नालंदा जिला में फसल का अवशेष जलाना किसानों को महंगा पड़ा। फसल अवशेष जलाने के आरोप में अब तक जिले के 66 किसानों का निबंधन रद्द करते हुए 3 साल के लिए कृषि विभाग के सभी योजनाओं से वंचित कर दिया गया है।

किस ब्लॉक कितना अवशेष जलाए गए
अब तक नालंदा जिला के 10 प्रखंडों में 8 हजार 537.4 डिसमिल में फसल अवशेष जलाने की सूचना प्राप्त है। जिसमें सबसे ज्यादा हरनौत के 11 पंचायतों में 3059, नगरनौसा के 10 पंचायतों में 1485, परबलपुर के 12 पंचायतों में 1151, वेन के 6 पंचायतों में 1058.4, राजगीर के 13 पंचायतों में 538, थरथरी के 1 पंचायत में 500, नूरसराय के 5 पंचायतों में 350, चंडी के 6 पंचायतों में 306, बिहारशरीफ के 1 पंचायत में 75, एकंगरसराय के 1 पंचायत में 15 डिसमिल खेतों में फसल अवशेष जलाया गया है।

खेत की फोटोग्राफी भी कराने के निर्देश
डीएओ विभू विद्यार्थी ने बताया कि बार-बार चेतावनी के बाद भी किसान फसल अवशेष जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। आगे भी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी। फसल अवशेष जलाने वाले किसानों पर नजर रखने के लिए समन्वयक एवं किसान सलाहकार को निर्देश दिया गया है। कहीं से भी इस तरह की शिकायत मिलती है तो खेत का फोटोग्राफी और नाम अंकित कर जिला को रिपोर्ट उपलब्ध कराना होगा।

फसल अवशेष जलाएं नहीं, करें प्रबंधन
डीएओ ने कहा कि फसल अवशेष को कई प्रकार से प्रबंधन किया जा सकता है। अवशेष को खेतों में ही जुताई कर पानी में छोड़ दिया जाए तो जैविक उर्वरक के रूप में काम करेगा। फोटो फ्रेम, पत्तल, गत्ता, पशुचारा उद्योग से संपर्क स्थापित कर किसान अच्छी आमदनी कर सकते हैं।

किन-किन किसानों पर गिरी गाज
परबलपुर के चौरसंडा के राकेश कुमार, सुनील कुमार, शंकरडीह पंचायत के मनीष कुमार, रिपु सिंह, अलावां पंचायत के रविन्द्र कुमार, सुरेश प्रसाद, राधेश्याम प्रसाद, जनार्दन प्रसाद, चन्द्रभूषण कुमार, रामाश्रय प्रसाद, गया प्रसाद, शाधुशरण प्रसाद, अखिलेश्वर प्रसाद, नूरसराय के डोईया के धर्मेन्द्र कुमार, कमलेश कुमार, चरूई पंचायत के राजेश कुमार, नीरज कुमार, सुनील कुमार, नगरनौसा के कैला निवासी विजेन्द्र प्रसाद, सुंदरी देवी, रंजन कुमार, अयोध्या प्रसाद, नवल राम, द्वारिका नारायण सिंह, श्यामकिशोर प्रसाद, संजीव कुमार, हरेन्द्र प्रसाद, भगवान प्रसाद, बिहारशरीफ के पावा के उपेन्द्र सिंह, राजगीर के म्यार निवासी अनील कुमार समेत 13 लोग, थरथरी के आस्ता निवासी शंभु प्रसाद, एकंगरसराय के धुरगांव के अनिल कुमार सिंह, चंडी के बढ़ौना निवासी मृत्युंजन कुमार, सत्येन्द्र कुमार, अरविंद कुमार, शैलेन्द्र कुमार, बाढ़ोचंद, माधोपुर के कृष्णा महतो, चंडी के रविन्द्र प्रसाद, राजेन्द्र प्रसाद, कृष्णा प्रसाद, हरनौत के बराह के शिशुपाल सिंह यादव, जयंत कुमार, रामजी, नवीन कुमार, अवधेश प्रसाद सिंह, चंदन कुमार, विपिन कुमार, मनोज कुमार, सोनी कुमारी, विनय कुमार, अमृता सिंह, रामस्वारथ सिंह, रविशंकर कुमार, अनील राम, राजकिशोर सिंह, गंगा विष्णु प्रसाद, वेन के अकौना के अनील कुमार, एकसारा के जनार्दन प्रसाद,रामवृक्ष प्रसाद, बच्ची देवी बारा के सदानंद सिंह और विद्यानंद प्रसाद शामिल हैं।

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