
शारदीय नवरात्र के मौके पर रविवार के दिन अलग-अलग इलाकों से भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली गई। बियावानी गांव के देवी स्थान से 201 महिलाओं ने संकल्पित जल लेकर शोभा यात्रा निकाली। रिमझिम बारिश में सिर पर कलश लिए महिलाएं जय माता दी का जयघोष करते हुए कई गांवों से गुजरते हुए मघड़ा के अतिप्राचीन तालाब से जलभरी कर पुनः गांव के देवीस्थान पहुँचे। ग्रामीणों ने बताया कि कलश यात्रा के बाद देवी स्थान में नवरात्रा के कलश स्थापना की परपंरा वर्षों से चली आ रही है। कलश यात्रा में शामिल महिलाओं ने बताया कि उनलोगों ने देवी मां से गांवों को जलमग्न होने से बचाने की प्रार्थना की है। बाढ़ के कारण उनलोगों के गांव में पानी घुस आया है। अगर तेज बारिश होती रही तो लोगों को गांव छोड़ ऊंची जगहों पर शरण लेना पड़ेगा।
इस मौके पर कमलेश कुमार, रंजीत कुमार, संजीत कुमार, मंटू कुशवाहा, संजय कुमार, समेत अन्य ग्रामीण मौजूद थे।

इसी तरह गिरियक प्रखंड के चोरसुआ गांव में 501 महिलाओं सहित लगभग 3000 ग्रामीणों ने मिलकर कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा गांव के देवीस्थान से निकलकर त्रिवेणी घाट गई जहाँ से जलभरी की गई। भक्ति गीतों पर झूमते हुए लोग जय माता दी के जयघोष करते हुए गांव के भ्रमण के बाद कलश लिए महिलाएं देवी मंदिर लौटी। जहां कलश स्थापना की गई। इश मौके पर दुर्गा पूजा समिति चोरसुआ के अध्यक्ष-भगिरत प्रसाद, सचिव-लखन प्रसाद, कोषाध्यक्ष-अरिवंद प्रसाद,लाइसेंसी-सोहराय प्रसाद,पंचायत के मुखिया चंदन कुमार,अज्जू बाबा सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।