
नालंदा जिला की पुलिस एक बार फिर सवालों के घेर में है। नालंदा जिला के रहुई थाना की पुलिस कायर निकली। जिन पुलिस वालों पर लोगों की सुरक्षा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है वो ही माफियाओं के सामने घुटने टेकने लगे हैं। ताजा वाक्या रहुई थाना के जगतनंदनपुर गांव की है। जहां बालू माफिया के सामने रहुई पुलिस के सरेंडर करने का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ साफ दिख रहा है कि धंधेबाजों की धमकी के बाद पुलिस बिना कार्रवाई के वापस लौटने को मजबूर हुई। यही नहीं लाठी के बल पर धंधेबाज चार बालू लदे ट्रैक्टरों को पुलिस की चंगुल से छुड़ा ले गये। वीडियो में साफ दिख रहा है कि धंधेबाज पुलिस को धमकी दे रहे हैं। वीडियो में दिख रहा है कि बालू के एक ट्रैक्टर को पुलिस ने रोक दिया है। इसके बाद कुछ लोग पुलिस ने कहासुनी करने लगे। लोगों ने ये भी कहा कि यह सब यहां नहीं चलेगा। करीब दो मिनट के वीडियो में अंत में पुलिस वापस जाते हुई दिखाई दे रही है। इस मामले में रहुई के थानाध्यक्ष राकेश कुमार का कहना है कि पुलिस द्वारा जगतनंदनपुर गांव में इस तरह की कार्रवाई किए जाने की जानकारी नहीं है। आपको बता दें कि दो दिन पहले ही तेल्हाड़ा में बालू माफिया ने बेटे के सामने उसके पिता को जिंदा दफना दिया था। ऐसे में पुलिस का सरेंडर करना ये साबित करता है कि बालू माफिया के सामने पुलिस बौनी साबित हो रही है। नालंदा लाइव जिला के पुलिस कप्तान से अपील करता है कि उन पुलिस वालों पर कार्रवाई भी की जाए जिन्होंने वर्दी को बदनाम किया है ।ताकि लोगों का भरोसा वर्दी पर कायम हो सके