
बिहारशरीफ के नई सराय लूटकांड में सनसनीखेज खुलासा हुआ है. जिसे सुनकर आप सब चौंक जाएंगे। जी हां, इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है । जिसमें एक पूर्व पार्षद भी शामिल है। पूछताछ में पता चला कि एक नेताजी विधायक बनने के लिए डकैती करवाते हैं । ताकि चुनाव लड़ने के लिए पैसे का इंतजाम हो सके. आइए मामले को सिलसिलेवार तरीके से समझिए
क्या है पूरा मामला
दरअसल, 24 अक्टूबर को बिहारशरीफ के नईसराय मोहल्ले में किराना व्यवसायी के घर में भीषण डकैती हुई थी लूट हुई
थी। जिसमें करीब दस लुटेरों ने वारदात को अंजाम दिया था। डकैतों ने थोक किराना व्यवसायी सौरभ किशोर के घर में घुसकर हथियार के दम पर नकदी और जेवर सहित लाखों की संपत्ति लूट ली थी। विरोध करने पर डकैतों ने व्यवसायी को पिस्टल की बट से मारकर घायल कर दिया था। भागने के दौरान डकैतों ने परिजनों को बांधकर एक कमरे में बंद कर दिया था।
चार बदमाश गिरफ्तार,बाकी 6 की तलाश
इस मामले में पुलिस ने चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है । जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उसमें पूर्व वार्ड पार्षद और नई सराय के रहने वाले मंटू केवट, भागन बिगहा थाना क्षेत्र के कादी बिगहा के शत्रुघ्न साव उर्फ बिल्टू साव, पटना जिला के बाढ़ थाना क्षेत्र के गयाचक गांव के रितेश कुमार और वैशाली जिला के बिदुपुर थाना क्षेत्र के कुतूबपुर के रहने वाले अमरनाथ उर्फ गोपी शामिल है । इनके पास से 42 हजार रुपये नकद, पीड़ित कारोबारी का दस्तावेज, पांच मोबाइल और 50-50 के फटे हुए नोट बरामद हुए हैं।
सफेदपोश ने रची साजिश
पुलिस का कहना है कि इस पूरे घटना के पीछे एक स्थानीय दबंग का हाथ है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। अनुसंधान प्रभावित न हो इस वजह से पुलिस फिलहाल नाम का खुलासा नहीं कर रही है। स्थानीय दबंग विधान सभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। जिसके लिए उसने पूरी घटना की साजिश रची थी, ताकि चुनाव लड़ने के लिए रुपया इकट्ठा कर सके। इसके लिए उसने गिरफ्तार बदमाश मंटू के साथ मिलकर डकैती की साजिश रची। मंटू ने बाहर से सभी अपराधियों को बुलाया और व्यवसायी के घर की रेकी की। इसके बाद मोहल्ले में व्यवसायी के घर के आसपास एक स्कॉर्पियो गाड़ी खड़ी कर दी ताकि घटना को अजांम देते ही अपराधी भाग सके। मंटू पूर्व में भी आर्म्स एक्ट,अपहरण और अन्य मामलों में जेल जा चुका है।
वैज्ञानिक तरीके से सुलझाया केस
डीएसपी इमरान परवेज ने बताया कि बदमाशों तक पहुंचने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान और लोकल इंटेलिजेंस का सहारा लिया गया। बदमाशों के पास जो फटे नोट बरामद हुए है उसे व्यवसायी ने पहचान लिया है। बदमाशों के घर से पीड़ित का दस्तावेज भी बरामद हुआ जिससे पूरे गैंग का पर्दाफाश हुआ।जांच टीम में बिहार थाना के थानाध्यक्ष दीपक कुमार, दारोगा जितेंद्र कुमार, दारोगा चंदन कुमार, दारोगा शकुंतला कुमारी, दारोगा राजेश कुमार, दारोगा रितुराज कुमार और दारोगा नीरज कुमार शामिल थे। डीएसपी इमरान परवेज के मुताबिक बाकी छह बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है
घर में घुसते ही टूट पड़े थे डकैत
घटना के दिन व्यवसायी सौरभ कुमार रात में करीब दस बजे दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। जैसे ही वह घर पहुंचे तो देखा कि चार लोग वहां मौजूद है। वह समझ नहीं पाए कि उनकी मंशा क्या थी। दरवाजा खोलकर घर के अंदर दाखिल होने लगे कि डकैतों ने धक्का दे दिया था। दरवाजा बंद करते करके सभी अंदर घुस आए। उनकी संख्या 10 के करीब थी। इसके बाद डकैतों ने पिस्टल की बट से मारना शुरू कर दिया था। सौरभ के चिल्लाने पर पिता नंद किशोर ऊपर वाले कमरे से नीचे आ गए थे। डकैतों ने लूटपाट के दौरान उन्हें भी घूसों से मारना शुरू कर दिया था। शोर सुनकर नीचे आईं मां नीलम पत्नी रानी व नानी को भी बदमाशों ने रिवाल्वर का भय दिखाकर अपने कब्जे में ले लिया था जिसके बाद सभी को घर के एक कमरे में हाथ पैर बांधकर बंद कर दिया था। मारपीट कर घरवालों से बक्से और अलमीरा की चाबी ले ली थी। डकैतों ने करीब-करीब आधे घंटे तक घर की तलाशी ली थी। इस दौरान नकद व गहने लूट लिए और अपने साथ दो मोबाइल भी लेकर चले गए थे।