
कोरोना काल में बेरोजगारी से जूझ रहे युवाओं के लिए अच्छी और राहत भरी खबर है. बिहार में 71,244 सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में करीब 94 हजार पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।
तीन महीने में पूरी होगी प्रक्रिया
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय 42 हजार 606 प्राथमिक शिक्षक, 28,638 मध्य विद्यालय के टीचर और 391 बुनियादी विद्यालयों में शिक्षकों के नियोजन का कार्यक्रम जारी कर सकता है। इस नियोजन में राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) से 18 माह का सेवाकालीन डिप्लोमा इन एलिमेन्ट्री एजुकेशन कोर्स करने वाले अभ्यर्थियों को नियोजन में शामिल होने का मौका मिलेगा। नियोजन की पूरी प्रक्रिया तीन माह में पूरी कर ली जाएगी।
इनको नहीं करना होगा अप्लाई
वैसे अभ्यर्थी जिन्होंने आवेदन जमा कर दिया था और मेधा सूची का इंतजार कर रहे थे, उन्हें दोबारा आवेदन जमा नहीं करना होगा. वहीं NIOS से डीएलएड पास हुए अभ्यर्थियों के लिए नया शिड्यूल जारी किया जाएगा. अब राज्य के डीएलएड अभ्यर्थी फिर से आवेदन कर सकेंगे. इस बहाली में टीईटी, सीटेट और डीएलएड तीनों अभ्यर्थी अब शामिल हो सकेंगे और शिक्षक बनने का उनका सपना साकार हो सकेगा.
क्या था विवाद
एनआईओएस से डीएलएड पास अभ्यर्थियों को लेकर एनसीटीई ने बहाली पर रोक लगा रखी थी. एनसीटीई ने डिग्री पर यह कहकर सवाल उठाया था कि 18 महीने की डीएलएड डिग्री अमान्य है और 24 महीने की डिग्री को ही मान्य माना जाएगा. इसके बाद अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी. हाईकोर्ट ने डिग्री को मान्य बताते हुए बहाली में शामिल करने का फैसला सुनाया था. जिसे राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद और केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने स्वीकार कर लिया है.