
बिहार में मैट्रिक की सामाजिक विज्ञान( SOCIAL SCIENCE) विषय की पहली पारी में हुई परीक्षा रद्द हो गई है। शुक्रवार की सुबह परीक्षा से पहले ही इस विषय का पेपर लीक हो गया था। इसी के बाद बोर्ड ने यह निर्णय लिया है। बोर्ड ने बताया कि सामाजिक विज्ञान का पेपर जमुई से लीक हुआ है। जिसके बाद पहली पाली में हुई परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया है।
विधानसभा में जमकर हंगामा
बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पेपर लीक के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने पेपर लीक मामले पर नीतीश सरकार से सवाल पूछे। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में हर परीक्षा का पेपर लीक हो जाता है। वहीं सीएम नीतीश कुमार ने पेपर लीक मामले पर जांच के आदेश दिए हैं। वहीं बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने आज पहली पारी में हुई सोशल साइंस की परीक्षा रद्द कर दी है।
कैसे लीक हुआ पेपर
बिहार विद्यालय परीक्षा के मुताबिक जमुई जिले की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, झाझा ब्रांच में सोशल सांइस का पेपर सुरक्षित रखा हुआ था। आज सुबह परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्न पत्र को निकाल कर इसका फोटों खींचकर वाट्सएप पर भेज गया, जो वायरल हो गया। बोर्ड ने कहा कि जमुई के डीएम और एसपी ने मामले की जांच की। शुरुआती जांच में बैंक के एक संविदा कर्मी विकास कुमार की संलिप्ता सामने आई है। वहीं बैंक के अन्य कर्मी शशिकांत चौधरी,अजीत कुमार और अमित कुमार सिंह की लापरवाही उजागर हुई है। पुलिस बैंक के अन्य कर्मियों की भूमिका भी जांच रही है।
अब 8 मार्च को आयोजित होगी रद्द परीक्षा
बोर्ड ने बताया कि जो परीक्षा रद्द की गई है वो 8 मार्च 2021 को आयोजित की जाएगी।
111-0470581 सीरियल का लीक हुआ था पेपर
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि शुक्रवार को सामाजिक विज्ञान प्रथम पाली की परीक्षा में एक प्रश्न पत्र 111-0470581 सीरियल का परीक्षा शुरु होने से पूर्व किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल पर व्हाटसएप से भेजे जाने का मामला सामने आया था। इसके बाद मामले की जांच का आदेश दिया गया। जांच में पता चला कि यह प्रश्न पत्र जमुई जिले में भेजा गया था। इस मामले में जांच के लिए जमुई के डीएम और एसपी को निर्देशित किया गया। डीएम जमुई और एसपी की जांच रिपोर्ट के बाद बोर्ड ने कार्रवाई की है।
जांच में जुड़ती गई कड़ी
जांच रिपोर्ट में पाया गया कि जिस सीरिसल का पेपर वायरल हुआ है उसे जमुई जिले के स्टेट बैंक झाझा की शाखा में रिजर्व रखा गया था। शुक्रवार की सुबह परीक्षा शुरू होने से पहले स्टेट बैंक की झाझा शाखा से निकालकर इसका फोटो खींचकर वायरल किया गया था। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा इस मामले में मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया गया। इस मामले में जमुई पुलिस छानबीन कर रही है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में SBI झाझा के तीन अन्य बैंक कर्मियों जिसमें शशिकांत चौधरी, अजीत कुमार और अमित कुमार ने घोर लापरवाही बरती है। इस मामले में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
इस संबंध में प्रारंभिक जानकारी यह भी मिली है कि जमुई जिले के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की झाझा के संविदा कर्मी विकास कुमार के संबंधी भी इस परीक्षा में सम्मिलित हुए हैं। इसकी जांच चल रही है। इस मामले में पुलिस विस्तृत जांच में जुटी है। बोर्ड का कहना है कि पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही मामला खुलेगा कि क्यों और किसने पेपर लीक किया है।
पेपर लीक मामले में जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा जांच कराकर समिति को प्रारंभिक रिपोर्ट भेजी गई है। इस मामले में समिति ने पूर्ण जांच रिपोर्ट की मांग की है। इस मामले में समिति के निर्देश पर FIR दर्ज कर पुलिस द्वारा जांच किया जा रहा है। समिति के अध्यक्ष ने निर्देश दिया है कि जो भी सरकारी या निजी व्यक्ति इस मामले में सम्मिलित पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई कर गिरफ्तारी कराई जाए। ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के अनुसार कड़ी कार्रवाई भी की जाए।
इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए समिति ने शुक्रवार को सामाजिक विज्ञान की प्रथम पाली की परीक्षा को रद करने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को प्रथम पाली में 8,46,504 परीक्षार्थी हुए थे। अब यह परीक्षा 8 मार्च को आयोजित होगी।