
बिहार के 136 बीएड कॉलेजों पर गाज गिरनी तय है. इस मामले में राजभवन ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए प्रदेश सरकार को कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. राज्यपाल ने सरकार को इन सभी 136 बीएड कॉलेजों की मान्यता रद्द करने को कहा है. इसके साथ ही ये तय हो गया है कि राज्य में एनसीटीई के मानक पर खरा नहीं उतरने वाले कॉलेजों पर कार्रवाई होगी.
300 से अधिक कॉलेजों की हुई जांच
दरअसल, NCTE ने हाल में ही बिहार के 300 बीएड कॉलेजों की जांच की थी. इस जांच के बाद 136 बीएड कॉलेजों ने दस्तावेज जमा नहीं कराया था. एनसीटीई के दिशा-निर्देशों और मानकों पर खरा नहीं उतरने वाले बीएड कॉलेजों से जरूरी कागजात और प्रमाणिक दस्तावेज मांगे गए थे. NCTE ने इस मामले में राजभवन को पत्र लिखकर अवगत कराया था, जिसके एवज में राजभवन द्वारा बिहार सरकार के शिक्षा विभाग को कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.
एनसीटीई गाइडलाइंस की अनदेखी
जानकारी के मुताबिक, बिहार में 80 फीसदी से ज्यादा बीएड कॉलेज मानकों पर खरा नहीं उतर सके हैं. एनसीटीई के गाइडलाइन के मुताबिक बीएड कॉलेजों में जमीन और बिल्डिंग से लेकर शिक्षकों की योग्यता तक का पालन मानक के अनुरूप होना चाहिए. लेकिन, कई कॉलेजों में इसकी अनदेखी की गई. बता दें कि बिहार में कई बीएड कॉलेजों की मान्यता को लेकर सवाल खड़े किए गए थे. साथ ही उनमें मौजूद संसाधनों को लेकर भी सवाल खड़े हुए थे.