
कर्मचारी चयन आयोग (Staff selection commission) द्वारा सीएचएसएल-2018 की टियर-टू परीक्षा के डिस्क्रिप्टिव पेपर में अनफेयर मीन्स (यूएफएम) के नाम पर कई छात्रों को फेल कर दिया गया है। सैकड़ों अभ्यर्थियों को शून्य अंक दिया गया है। अभ्यर्थियों ने जब आरटीआई से कॉपी मांगी तो यह पता चला कि अभ्यर्थियों को पत्र के अंत में छोटी, माता-पिता को प्रणाम, एक्सवाईजेड जैसे शब्द या गलत एड्रेस लिखने पर शून्य अंक मिला है। एसएससी ने इसे यूएफएम माना है।
छात्रों ने छेड़ा मुहिम
इसके खिलाफ अभ्यर्थियों ने ट्विटर पर हैशटैग एसएससी इमेजनरी यूएफएम से ट्वीट करना शुरू किया है। पिछले 3-4 दिनों में इस हैशटैग से डेढ़ लाख से अधिक ट्वीट हो चुके हैं। वे इस नियम को हटाने की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थी सुभाष चंद्रा ने लिखा है कि डिस्क्रिप्टिव पेपर में 100 में से 70 अंक लाने के बाद भी गलत एड्रेस लिखने के कारण उसे जीरो अंक दिया गया। एक अन्य अभ्यर्थी प्रिंस को पत्र लेखन में 50 में से 40 नंबर दिए, लेकिन यूएफएम मान 40 नंबरों को शून्य कर दिया गया। क्योंकि उसने पत्र के अंत में छोटी लिख दिया था। एसएससी सीएचएसएल का रिजल्ट 25 फरवरी 2020 को घोषित किया गया था।
अनफेयर मीन्स के नाम पर 4560 अभ्यर्थियों रिजेक्ट
स्टाफ सेलेक्शन कमीशन ने कहा कि सीएचएसएल 2018 के टियर 2 परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों में से 4560 को अनफेयर मीन्स के नाम पर रिजेक्ट किया गया है। अभ्यर्थियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि वे कॉपी में कुछ भी पर्सनल आइडेंटिटी की चीजें न लिखें, चाहे वो वास्तविक हो या इमेजनरी।
What the hell is this. SSC you have to think about it because it is a question of life of so many students. One small step of yours can ruin someone's life. #SSC_IMAGINARY_UFM #ssc_scrapufm #SSC_UFM pic.twitter.com/WA4lgrFR9O
— rohanuttam (@rohanuttam7) April 11, 2020