Home खास खबरें पूरे देश में सिर्फ किस जेल में तैयार होता है फांसी का फंदा और क्या है खासियत, जानिए

पूरे देश में सिर्फ किस जेल में तैयार होता है फांसी का फंदा और क्या है खासियत, जानिए

0

देशभर में कही भी दोषी को फांसी दिया जाता है लेकिन उसके लिए फंदा सिर्फ बिहार के बक्सर जेल में ही तैयार होता है। इसी के तहत बिहार के बक्सर जेल को फांसी के दस फंदे तैयार रखने का निर्देश दिया गया है. बक्सर जेल बिहार की एकमात्र ऐसी जेल है, जिसे फांसी के फंदा बनाने में महारत हासिल है.

बक्सर के फांसी के फंदे की खासियत
बक्सर जेल में जो फांसी का फंदा तैयार होता है उसे मनीला रोप कहते हैं । फंदे की लंबाई अपराधी के 1.6 गुणा होता है । बक्सर जेल में साल 1930 से फांसी का फंदा तैयार हो रहा है। एक फांसी का फंदा 7200 कच्चे धागों से बनता है. उसे तैयार करने में दो से तीन दिन लग जाते हैं. इस पर पांच-छह कैदी काम करते हैं तथा इसकी लट तैयार करने में मोटर चालित मशीन का भी थोड़ा उपयोग किया जाता है.

एक फंदे की कीमत कितनी होती है
जेल अधीक्षक के मुताबिक पिछली बार एक फंदे की कीमत 1725 रुपये थी. लेकिन, इस बार 10 फांसी के फंदे तैयार करने के जो निर्देश प्राप्त हुए हैं, उनमें पीतल के बुश जो कि गर्दन में फंसती है, की कीमत में हुए इजाफा के कारण फांसी के फंदे की कीमत में थोड़ी बढोतरी हो सकती है.’

अब तक किसके किसके लिए तैयार हुआ है फंदा
संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू को फांसी दी गई थी। उसके लिए फंदा भी बिहार के बक्सर जेल में ही तैयार हुआ था। बक्सर जेल अधीक्षक विजय कुमार अरोड़ा के मुताबिक संसद हमले के मामले में अफजल गुरु को मौत की सजा देने के लिए इस जेल में तैयार किये गये फांसी के फंदे का इस्तेमाल किया गया था. इसके अलावा साल 2016-17 में पटियाला जेल से आदेश मिले थे. हालांकि, ये नहीं जानते है कि किस उद्देश्य के लिए वे फंदे तैयार कराये गये थे. इसके अलावा भागलपुर जेल में भी फांसी देने के लिए बक्सर जेल में ही फंदा तैयार हुआ था. इससे पहले पश्चिम बंगाल में रेप के आरोपी धनंजय चटर्जी को भी फांसी देने के लिए फंदा बक्सर जेल में ही तैयार हुआ था

14 दिसंबर के बाद निर्भया के दरिंदों को फांसी
बक्सर जेल के अधीक्षक के मुताबिक उन्हें 14 दिसंबर तक 10 फांसी का फंदा तैयार करने के निर्देश मिले है. जिससे ये अनुमान लगाया जा रहा है कि दिल्ली के निर्भया कांड के दरिंदों को फांसी देने में इसका उपयोग किया जा सकता है । क्योंकि दिल्ली सरकार ने उसकी दया याचिका को खारिज कर दी है । आपको बता दें कि 16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में चलती बस में निर्भया के साथ चार दरिंदों ने गैंगरेप किया था । साथ ही उसके पेट में रॉड डाल दिया था जिससे उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इन दरिंदों में एक अक्षय ठाकुर भी है जो बिहार के औरंगाबाद जिले का रहने वाला है ।

Load More Related Articles
Load More By Nalanda Live
Load More In खास खबरें

Leave a Reply

Check Also

बाहुबली विधायक अनंत सिंह की पत्नी ने वापस लिया नामांकन.. जानिए क्यों ?

मोकामा से बाहुबली अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। नीलम देवी …