
काम में लापरवाही के आरोप में बिहार सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. आईएएस, सीओ,इंजीनियर समेत 27 अफसरों पर गाज गिरी है . बिहार सरकार ने इन सभी अफसरों को सस्पेंड कर दिया है. ये कार्रवाई राजधानी पटना में पिछले दिनों हुए जल जमाव के मामले में की गई है ।
IAS और IRS अधिकारी सस्पेंड
पिछले साल पटना में आई बाढ़ को लेकर बिहार सरकार ने जिन अफसरों पर कार्रवाई की है। उसमें बुडको के तत्कालीन एमडी और IAS अफसर अमरेंद्र प्रताप सिंह भी शामिल हैं। बिहार सरकार ने IAS अफसर अमरेंद्र प्रताप सिंह को सस्पेंड कर दिया है। इसके अलावा पटना नगर निगम के तत्कालीन नगर आयुक्त और IRS अधिकारी अनुपम कुमार सुमन को निलंबित किया गया है। इसी तरह बिहार प्रशासनिक सेवा के तीन अधिकारी और नगर विकास सेवा एक अधिकारी को भी निलंबित किया गया है।
बिहार प्रशासनिक सेवा के 4 अफसर सस्पेंड
पटना नगर निगम के चार कार्यपालक पदाधिकारियों पर भी गाज गिरी है। जिसमें ईओ पूनम कुमारी (तत्कालीन कंकड़बाग अंचल), ईओ बीरेंद्र तरूण (बांकीपुर अंचल), ईओ शैलेश कुमार (नूतन राजधानी अंचल) और मनीष कुमार (पाटलिपुत्र अंचल) शामिल हैं। इन अधिकारियों पर नालों की साफ-सफाई में खानापूर्ति करने का आरोप है। जांच के दौरान नालों में गाद भरा मिला था। मनीष नगर सेवा के अधिकारी हैं। जबकि, बाकी तीन ईओ बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आदेश पर कार्रवाई
नगर विकास विभाग के सचिव आनंद किशोर के मुताबिक ये कार्रवाई जांच समिति की रिपोर्ट पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आदेश पर हुआ है। अहम बात ये है कि सरकार ने पटना नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त अनुपम कुमार सुमन (आइआरएस) के खिलाफ कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार से सिफारिश की है। इसके अलावा पथ निर्माण और पीएचईडी के 14 इंजीनियरों को भी निलंबित किया गया है। इन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाएगी। यही नहीं, संविदा पर तैनात सात इंजीनियरों को कार्युमक्त करने का निर्णय लिया गया है।
मानसून को लेकर नहीं की गई थी कोई तैयारी
पटना नगर निगम के तत्कालीन नगर आयुक्त और वर्तमान में अपने मूल कैडर में वापस गए अनुपम कुमार सुमन पर भी गंभीर आरोप है। उन्होंने कर्तव्य पालन में घोर लापरवाही की। मानसून को लेकर कोई प्लान नहीं बनाया। नाला सफाई की समीक्षा भी उनके द्वारा नहीं की गई, जिससे कारण पटना कई दिनों तक जल-जमाव से तबाह रहा।
बर्खास्त किए जाएंगे सात संविदा इंजीनियर
बुडको के तत्कालीन मुख्य अभियंता भवानी नंदन और अधीक्षण अभियंता रामचंद्र प्रसाद समेत विभिन्न विभागों से बुडको में प्रतिनियुक्त तैनात 14 इंजीनियरों पर भी कार्रवाई हुई है। संप हाउस के काम नहीं करने और दूसरे अन्य मामलों में इनकी लापरवाही के कारण निलंबन की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा संविदा पर कार्यरत सात इंजीनियरों को कार्यमुक्त करने की तैयारी कर ली गई है। लापरवाही के आरोप में जवाब तलब किया गया है। स्पष्टीकरण मिलते ही कार्यमुक्त कर दिया जाएगा।