कितना असरदार रहा राजगीर बंद.. ग्राउंड रिपोर्ट जानिए

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मंगलवार को पर्यटन नगरी राजगीर को बंद का आयोजन किया गया था. इसका मकसद राजगीर स्थित अनुमंडलीय अस्पताल में समुचित चिकित्सा सुविधा बहाल करना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था. बंद को सफल बनाने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता जी जान से जुटे रहे. लोगों का कहना है कि दहशतगर्दी और गुंडागर्दी राजगीर के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति पर धब्बे की तरह है। इससे राजगीर के पर्यटन उद्योग पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।

राजगीर बंद का असर
राजगीर में मेन मार्केट, श्री महावीर हनुमान मंदिर चौक, धर्मशाला और बस स्टैंड रोड की तमाम दुकानें बंद रहीं। बंद की वजह से स्थानीय लोग भी कम ही संख्या में घरों से बाहर निकले। मेन मार्केट के जेपी चौक पर एक चिंतन बैठक की गई, जिसमें लोगों ने व्यवस्था में सुधार के उपायों पर चर्चा की। सर्वसम्मति से एक मांग पत्र तैयार किया गया, जिस पर सैकड़ों लोगों ने हस्ताक्षर किए। जिसमें अस्पताल की व्यवस्था, नागरिकों की सुरक्षा के अलावा नाच-गाने की आड़ में पनप रही वेश्यावृत्ति का मुद्दा भी उठा. चिंतन बैठक में अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े लोग, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी, व्यवसायी, फुटपाथ दुकानदार समेत आम लोग शामिल हुए

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अस्पताल में सुविधा की कमी का मुद्दा
सर्वदलीय बैठक के संयोजक श्याम किशोर भारती और संजीव कुमार बिट्टू ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी राजगीर में इस अनुमंडलीय अस्पताल का कोई औचित्य नहीं रह गया है। क्योंकि यहां कोई स्पेशलिस्ट डॉक्टर नहीं है. डॉक्टरों के 22 पद सृजित हैं, पर 14 डॉक्टर ही कार्यरत हैं. ब्लड बैंक, ऑपरेशन थियेटर, विशेषज्ञ ड्रेसर, पाराकर्मी, फिजिशियन, सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, एंबुलेंस, रेडियोलाजिस्ट, आईसीयू जैसी सुविधा नहीं है

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नियमित पेट्रोलिंग की मांग
वहीं, व्यवसायी गोपाल भदानी, रमेश कुमार पान का कहना था कि व्यवसायियों को सुरक्षा बोध का एहसास कराने के लिए हर चौक-चौराहा पर नियमित पेट्रोलिंग होनी चाहिए। ताकि लोग बिना भय के अपना रोजगार तथा जीविकोपार्जन कर सके।

नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
समाजसेवी गणेश गौतम ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। लेकिन राजगीर में आए दिन बढ़ती आपराधिक घटनाओं ने सुशासन पर सवाल खड़ा कर दिया है। राजगीर में पुलिसिंग व्यवस्था खराब हो गई है।

वेश्यावृति पर लगाम लगाने की मांग
आरजेडी नेता सोनू राय ने नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रशासन ही अब असुरक्षित है। राजगीर में वेश्यावृत्ति के धंधे पर रोक लगाए जाने की मांग की। कहा, नाच-गाने के नाम पर जिस्मफरोशी कराई जा रही है।

आगे भी जारी रहेगा आंदोलन
समाजसेवी संजीव कुमार उर्फ बिट्टू ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि व्यवस्था में सुधार के लिए आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। उम्मीद है कि सरकार और शासन इस ओर ध्यान देंगे।

चिंतन बैठक में कौन कौन
चिंतन बैठक में धीरेंद्र कुमार, रूपेश राय, रालोसपा नेता पप्पू चौधरी, भाजपा नेता अजय कुमार गुप्ता, मुन्ना कुमार मौर्य, ई. रविशंकर, उमराव प्रसाद निर्मल, रामानुज सिंह, वार्ड पार्षद श्रवण कुमार, प्रदीप साव, मंजीत प्रभाकर, सुनैना देवी, राजू पासवान, देवनंदन चौधरी, अरविद चंद्रवंशी, संजय कुमार, प्रमोद कुमार गुप्ता, मनोहर चौधरी, जितेंद्र यादव, मदन प्रसाद बनारसी, आनंद मोहन पंडित, पिटू गुप्ता सहित अन्य लोगों ने भी अपने-अपने विचार रखे.

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