
नालंदा जिला में एक युवक की हत्या कर उसकी लाश को पहाड़ पर एक पेड़ पर टांग दिया गया। शव पेड़ में फंदे के सहारे झूल रहा था। लोगों ने जब शव को पेड़ से लटका देखा तो सबके होश उड़ गए। शव मिलने की खबर जंगल की आग तरह पूरे शहर में फैल गया। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मृतक की पहचान सिलाव बाजार के सोरा कोठी के सूरज कुमार के रुप में हुई है। सूरज का शव राजगीर के विपुलाचलगिरी पर्वत के एक पेड़ पर टंगा हुआ था। पुलिस इसे आत्महत्या का मामला बता रही है। जबकि मृतक के पिता ने हत्या की आशंका जताई है । बताया जा रहा है कि डोली लेकर पहाड़ पर चढ़ने वाले लोगों ने सुबह में सबसे पहले शव को देखा। उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने वहां पहुंचकर शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए उसे सदर अस्पताल भिजवाया। मृतक के पिता ने बताया कि सूरज नवादा के हिसुआ में बेल्डिंग का काम करता था। वो घर का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। शव के शरीर पर जगह-जगह घाव के निशान हैं। ऐसा लगता है कि पीट-पीटकर हत्या करने के बाद आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को लटकाया गया है। घटनास्थल के पास चप्पल और जूते भी मिले हैं। वहीं शव का पैर जमीन से सटा हुआ था। घटनास्थल के पास से युवक का आधार कार्ड मिला, जिससे उसकी पहचान की गयी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन के हवाले कर दिया गया है। राजगीर पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है। लेकिन पुलिस की थ्योरी पच नहीं रही है। नालंदा लाइव का सवाल है कि अगर ये आत्महत्या है तो फिर शव पर चोट के निशान क्यों हैं ? शव का पैर जमीन से सटा हुआ है तो ऐसे में किसी की मौत कैसे हो सकती है ? यानि पुलिस जिसे खुदकुशी बता रही है उसपर विश्वास करना मुश्किल हो रहा है । हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही ये साफ हो पाएगा कि सूरज की हत्या हुई है या खुदकुशी की है ।