
आप सोचिए कि आपकी गाड़ी पटना या दिल्ली में हो और आपकी गाड़ी का चालान बिहारशरीफ में कट जाए तो क्या होगा. या फिर आपकी गाड़ी बिहारशरीफ में हो और चालान पटना या दिल्ली में कट जाए तो इसे क्या कहिएगा. जी हां, आजकल ऐसा हो रहा है. नालंदा के कई लोगों को ऐसी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उनकी गाड़ियों का फर्जी चालान भेजा जा रहा है. इतना ही नहीं फर्जी चालान नहीं जमा करने पर उनकी गाड़ी का प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं बन रहा है.
केस नं. 1: बिहारशरीफ में गाड़ी,पटना में चालान
पहला मामला हरनौत के राजीव कुमार का है. उनके मोबाइल फोन पर चालान का मैसेज आया. जिसमें बताया गया कि उनकी कार पटना के मैरिन ड्राइव पर हाई स्पीड में चल रही थी। जिसकी वजह से उनकी कार को 2 हजार का चालान काटा गया. लेकिन राजीव कुमार का कहना है कि जिस दिन का चालान काटा गया है। उस दिन उनकी गाड़ी बिहारशरीफ सदर प्रखंड कार्यालय में खड़ी थी. चालान का मैसेज आने के बाद वो पटना परिवहन कार्यालय को GPS लोकेशन के साथ चालान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. लेकिन उनकी शिकायत अब तक नहीं सुनी गई. उनका कहना है कि वो चार-चार बार पटना परिवहन ऑफिस का चक्कर लगा चुके हैं।
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केस नं. 2: बिहारशरीफ में बाइक,दिल्ली में चालान
ऐसा ही एक मामला बिहारशरीफ के अंबेर का आया है. अंबेर के रहने वाले संयोग कुमार का कहना है कि उनकी बाइक का बिना हेलमेट का दो दो बार चालान आया है. उनका कहना है कि जब वो बाइक का प्रदूषण सर्टिफिकेट बनवाने गए तो उसे बनाने से मना कर दिया गया . कहा गया कि पहले चालान भरिए. जब चालान के बारे में जानकीर ली तो पता चला कि दो बार बिना हेलमेट का चालान कटा है. एक बार दिल्ली का. और दूसरी बार बिहारशरीफ के पचासा तिराहा का. संयोग कुमार का कहना है कि जिन दोनों दिन चालान कटने की बात कही जा रही है उन दोनों दिन अंबेर में घर में बाइक खड़ी थी
केस नं. 3 बिहारशरीफ में बाइक,पटना में चालान
ऐसे ही एक और शख्स ने अपनी शिकायत दर्ज कराई है। वे बिहारशरीफ के लहेरी थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं. जिनकी बाइक का पटना में तीन-तीन बार चालान कटा. जबकि उनका बाइक पटना गया ही नहीं है। उनका कहना है कि जब प्रदूषण सर्टिफिकेट बनवाने गए तो इसके बारे में पता चला। इस बारे में उन्होंने परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन में शिकायत भी दर्ज कराई है