
बिहारशरीफ में पांच दिनों से चली आ रही वकीलों की हड़ताल आखिरकार खत्म हो गया है । बुधवार से वकील कोर्ट में पहले की तरह काम करेंगे। मंगलवार को प्रभारी जिला जज शशिभूषण प्रसाद सिंह ने वकीलों और पुलिस के बीच मध्यस्तता करवाई। डिस्ट्रिक जज शशिभूषण सिंह के चैंबर में जिला प्रशासन और अधिवक्ता संघ के अधिकारियों की बैठक हुई। जिसमें नालंदा के जिलाधिकार डॉक्टर त्यागराजन, पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार पोरिका, नालंदा जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रभात कुमार ऱुखैयार के अलावा बिहार बार काउंसिल के कई प्रतिनिधि मौजूद थे।
बैठक में क्या-क्या हुआ
डिस्ट्रिक जज के चैंबर में करीब 45 मिनट तक मीटिंग चली। जिसमें एसपी सुधीर कुमार पोरिका ने घटना पर खेद व्यक्त किया। साथ ही एसपी सुधीर कुमार पोरिका ने लहेरी थानाध्यक्ष पर कार्रवाई के लिए 15 दिनों का समय मांगा। वहीं, डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने पीड़ित वकील पवन कुमार की जमीन की नापी कराने का भरोसा दिया। जिसके बाद अधिवक्ता संघ ने अपनी हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया। बुधवार से सभी वकील पहले की तरह सभी कोर्ट में अपना-अपना काम करेंगे। हालांकि अधिवक्ता संघ का कहना है कि अगर 15 दिनों में लहेरी थानाध्यक्ष पर कार्रवाई नहीं की गई तो एक बार फिर से वकील आंदोलन पर जाएंगे। बैठक में स्टेट बार काउंसिल के सदस्य प्रेम कुमार झा, पंकज कुमार, शहनाज फातिमा और नीतू झा के अलावा अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रभात कुमार रुखैयार, सचिव दिनेश कुमार, डॉ. अरुण कुमार, अजय कुमार वर्मा, अनिल कुमार, जितेंद्र कुमार, कल्याण कुमार शामिल थे।
क्या है मामला
बिहारशरीफ के रामचंद्रपुर इलाके में जमीन के एक टुकड़े पर हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद ठेकेदार ने जबर्दस्ती काम शुरू करा दिया था। वकील पवन कुमार ने इसका विरोध किया था। जिसके बाद लहेरी थानाध्यक्ष ने उन्हें कई घंटे तक थाने में बैठाए रखा था।जब कुछ वकील एसपी सुधीर कुमार पोरिका से मिलने गए । तो उन्होंने वकीलों के साथ दुर्व्यवहार किया था। इसके विरोध में वकीलों ने पहले विरोध मार्च निकाला और डीएम को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो नालंदा जिला के अधिवक्ता हड़ताल पर चले गए थे। जिससे कोर्ट का कामकाज ठप हो गया था।