
राजगीर के श्रीजैन श्वेताम्बर भंडार तीर्थ में स्थित नौलखा मंदिर की वार्षिक पूजा धूमधाम से मनायी गयी। पूजा में साधु-संत के साथ विभिन्न जगहों से आए हुए सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मंदिर के शिखर पर ध्वज चढ़ाया गया और धार्मिक वातावरण में पूजा हुई। ध्वजारोहण के बाद लोगों ने भक्ति भाव से भजन-कीर्तन किया। राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश जी महाराज ने कहा कि यह शांति की नगरी है। इस पावन भूमि को भगवान महावीर व भगवान बुद्ध की धरती होने को गौरव प्राप्त है। इस पावन भूमि की संस्कृति को बचाने के लिए सबों को आगे आना चाहिए। अपने ऐतिहासिक विरासतों व धरोहरों की बचाव करने के प्रति जागरुक होना चाहिए। जैन श्वेताम्बर भंडार कोठी के प्रबंधक ज्ञानेन्द्र पांडेय व कैशियर संजीव कुमार जैन ने बताया कि 20वें तीर्थंकर भगवान मुनिसुब्रत स्वामी जी की मूर्ति की स्थापना चैत वदि शातम वर्ष 1961 में हुई थी। उस दिन से हर साल यहां पर विशेष पूजा की जाती है। मंदिर जी की ध्वजा का लाभ कोलकता व रांची से आये रामपुरिया परिवार के लोगों ने लिया। प्रबंधक ज्ञानेन्द्र पांडेय ने कहा कि भक्ति में बहुत बड़ी शक्ति होती है। सबों को अपने जीवन में कुछ समय निकालकर भक्ति करनी चाहिए। इससे मन को काफी शांति मिलती है।