
बिहारशरीफ के अनुग्रह नारायण पार्क यानि गांधी मैदान के कैफेटेरिया को नगर निगम ने सील कर दिया है। बिहारशरीफ नगर निगम के मुताबिक छह साल पहले ये दुकान पांच साल के लिए मथुरिया मुहल्ला के विश्वजीत कुमार को दिया था। बदले में उन्हें पार्क की देखभाल करनी थी लेकिन दुकान संचालक पैसा कमाते रहे और पार्क की स्थिति दिनोंदिन बिगड़ती गई। नगर आयुक्त सौरभ जोरवाल ने बताया कि दुकान दिये जाने के बदले पार्क की देखभाल करनी थी। जब पार्क सौंपा गया था तब पार्क की अच्छी स्थिति थी। झरना चालू हालत में था। फूल पौधों की स्थिति भी अच्छी थी। सभी लाइटें जल रही थी लेकिन फिलहाल स्थिति यह हो गई है कि पार्क कहने भर को रह गया है। नगर आयुक्त के मुताबिक पांच साल की समय सीमा के कारण दुकान वापस लेने में विवशता थी। समय पूरा होने के बाद भी संचालक द्वारा अवैध रूप से दुकान चलाया जा रहा था। काफी मशक्कत के बाद रविवार को कब्जा से मुक्त कराकर दुकान को सील कर दिया गया है।
जुर्माना भी भरना होगा
एक साल तक अवैध रूप से दुकान चलाने का दंड भी दुकान संचालक को भुगतना पड़ेगा। नगर आयुक्त ने बताया कि निगम द्वारा निर्धारित जुर्माना दुकान संचालक से वसूली जायेगी। उन्होंने बताया कि निगम 10 रुपये प्रति वर्गफीट प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना वसूलेगी।
दुकानदार ने दी कोर्ट में जाने की धमकी
वहीं, कैफेटेरिया के संचालक विश्वजीत कुमार का कहना है कि शनिवार को मुंसिफ विमलेंदु कुमार ने मामले की सुनवाई करते हुए कैफेटेरिया को यथावत स्थिति बनाने रखने के आदेश दिया था। इसकी सूचना एसडीओ जनार्दन प्रसाद अग्रवाल को दी थी। इसके बावजूद कैफेटेरिया को सील किया गया। वादी के वकील दीपक कुमार का कहना है कि कोर्ट के आदेश की अवमानना के खिलाफ वे पुन: न्यायालय की शरण लेंगे।