
नालंदा जिले के 19 शराब कारोबारियों पर गाज गिरी है। इन सभी को जिला प्रशासन ने आदतन शराब व्यापारी घोषित किया और फिर जिला बदर कर दिया गया है। जिलाबदर किए गए लोग 30 सितम्बर तक जिले में कदम नहीं रख सकेंगे। एसपी सुधीर कुमार पोरीका की अनुशंसा पर डीएम डॉ. त्यागराजन एस मोहनराम ने कार्रवाई की है। उत्पाद अधिनियम 2017 की धारा 66 के अंतर्गत संबंधित कारोबारियों को 30 सितंबर तक के लिये जिला की सीमा से बाहर रहने को कहा गया है। उत्पाद विभाग के अधिवक्ता दिलीप कुमार सिंह ने इस मामले में सरकार के पक्ष को मजबूती से रखा है।
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इन लोगों को किया गया जिला बदर-:
मोहम्मदपुर, वेन के सुरेश चौधरी
खटोलन बिगहा, इस्लामपुर के सुरेन नट और शंकर नट
कैला , नगरनौसा के सतीश मांझी
कैलाशपुरी, इस्लामपुर के संजीवन रविदास
माधोपुर डीह, चंडी के शिवजी पाल
शिवनगर, हिलसा के धर्मेंद्र कुमार
अतबलचक, थरथरी के बबलू यादव , संजय यादव, कोपा यादव और किशोर यादव
कचहरिया, चंडी के सुदीप कुमार
मुर्गीयाचक, इस्लामपुर के उपेंद्र प्रसाद
रूपसपुर, खुदागंज के रमेश प्रसाद
कछियावां, नगरनौसा के विनोद बिंद
परवलपुर के पंकज उर्फ सनसन चौधरी
बूढ़ा नगर ,इस्लामपुर के उमेश साव उर्फ बाबा
कैला, नगरनौसा के जीतन मांझी और जगदीश कुमार
इन सभी को 30 सितंबर तक जिला से बाहर कर दिया गया है । इनके जिला में आने पर रोक लगा है । जिले में शराबबंदी और बार-बार तस्करी में नाम आने पर जिला प्रशासन ने ये फैसला लिया है ।