
बिहारशरीफ में लगातार बढ़ते क्राइम ग्राफ और पुलिसवालों की लगातार मिलती शिकायत के बाद नालंदा के पुलिस कप्तान को सिंघम स्टाइल में उतरना पड़ा। एसपी सुधीर कुमार पोरिका सादी वर्दी में आधी रात को शहर का जायजा लेने निकल पड़े। इसकी भनक शहर के तीनों थाने बिहार, लहेरी और सोहसराय को नहीं लगी। एसपी साहब पूरे शहर का खाक छान डाले लेकिन उन्हें कहीं भी न तो पेट्रोलिंग करती पुलिस की गाड़ी मिली और नहीं कोई हॉक दस्ता मिला। हां कुछ लौंडे लपाटे सड़क पर मटरगश्ती करते दिखे तो उन्हें या तो डांट डपटकर भगा दिया या फिर अपनी गाड़ी में बिठा लिया। एसपी साहब ने रेलवे स्टेशन से लेकर रामचंद्रपुर और सोहसराय से लेकर राजगीर मोड़ तक हर चौराहे और गलियों का चक्कर मारे। लेकिन कहीं भी कोई पुलिसवाला नजर नहीं आया। एसपी साहब का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच चुका था। क्योंकि उनकी पुलिस की पोल खुल चुकी थी। लोगों की शिकायत सही साबित हो रही थी। फिर क्या था उनकी गाड़ी दनदनाती हुई बिहार थाना जा पहुंची। वहां कुछ पुलिसवाले ड्यूटी बजा रहे थे। एसपी साहब की गाड़ी को देखते ही थाने में हड़कंप मच गया। जाग रहे पुलिसवालों सिट्टी पिट्टी गुल हो गई। काम में लापरवाही को लेकर उनका गुस्सा पहले से सांतवें आसमान पर था। ऐसे में सीधा उन्होंने हॉक दस्ता के पदाधिकारियों से पूछा कि आपका दस्ता कहां ? पेट्रोलिंग पार्टी कहां है ? अभी के अभी सब को यहां बुलाओ। किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि अब क्या करें ? कुछ पुलिसवाले बिना नेम प्लेट और बैच के थे। उनसे उनका नाम और बैच नंबर पूछा। साथ ही उन्हें बैच नंबर लगाने की हिदायत दी। इस दौरान एसपी साहब की नजर एक रेप के आरोपी पर पड़ी ।उसे पूछताछ के लिए महिला थाने से बिहार थाना लाया गया था। लेकिन उसके हाथ में हथकड़ी नहीं थी। एसपी साहब ने पूछा अगर ये थाने से भाग जाएगा तो क्या होगा। इसके हाथ में हड़कड़ी क्यों नहीं है। फिर उन्होंने थाना प्रभारी को बुलाने को कहा। थाना प्रभारी के आने पर इस तरह की लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी। एसपी सुधीर कुमार पोरिका ने बताया कि पिछले कई दिनों से शहर और आसपास के इलाकों में सही से पेट्रोलिंग नहीं होने की शिकायत मिल रही थी। इसी को देखते हुए वे खुद सड़क पर निकले हैं। अगर दोबारा किसी तरह की लापरवाही पाई गई तो संबंधित पदाधिकारी को नहीं बख्शा जाएगा।